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MP News: भाजपा के कार्यक्रम में आई गायिका कर गई कमलनाथ की तारीफ; जानिए क्या है मामला

Tue, 10 Sep 2024 12:32 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

छिंदवाड़ा में भाजपा शासित नगर निगम परिषद द्वारा गौरव दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह को भव्यता देने के लिए रियलिटी शो इंडिया गॉट टैलेंट की प्रतिभागी पार्श्वगायिका ईशिता को भी बुलाया गया था, जो कमल नाथ की तारीफ कर गईं।
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गायिका ईशिता ने की कमलनाथ की तारीफ। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेसी भाजपाई हो गए, आस्थाएं बदल गईं, व्यवस्थाएं बदल गईं... लेकिन पिछले निशान उमड़ घुमड़कर सामने आ ही जाते हैं। पूर्व सीएम कमलनाथ के छिंदवाड़ा में ऐसा ही एक मामला हो गया, जहां भाजपा द्वारा एक कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। गौरव दिवस के इस आयोजन को गौरव देने के लिए खास मेहमानों को बुलाया गया था। उनसे छिंदवाड़ा को जानने और इसकी तारीफ में कुछ कहने के लिए कहा गया तो जवाब आया कि वह छिंदवाड़ा को सिर्फ एक नाम की वजह से जानती हैं और वह नाम कमलनाथ का है!

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दरअसल, छिंदवाड़ा में भाजपा शासित नगर निगम परिषद द्वारा गौरव दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह को भव्यता देने के लिए रियलिटी शो इंडिया गॉट टैलेंट की प्रतिभागी पार्श्वगायिका ईशिता को भी बुलाया गया था। कार्यक्रम की प्रस्तुति से पहले इसकी जानकारी देने के लिए कॉफी हाउस में पत्रकारों को बुलाया गया। इस दौरान महापौर विक्रम अहके भी मौजूद थे। पत्रकारों और इशिता के बीच के सवाल जवाब का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान सवाल उछला कि आप (इशिता) छिंदवाड़ा पहली बार आई हैं, इसके बारे में क्या जानती हैं? इशिता की तरफ से जवाब में कहा गया कि वे छिंदवाड़ा को सिर्फ कमलनाथ के नाम से जानती हैं... उनसे एक बार मुलाकात भी हुई है।  इशिता का यह जवाब कार्यक्रम आयोजकों पर वज्रपात बनकर गिरा। महापौर अहके भी असहज हो उठे। मामले को संभालने के लिए उन्हें इशिता के कान में खुसुर पुसुर करनी पड़ गई। नतीजा सवालों से बचाव और चेंज द टॉपिक के हालात बन गए। 

गौरतलब है कि छिंदवाड़ा में नगरीय निकाय चुनाव कांग्रेस के हिस्से आया था। इस चुनाव के सिरमौर विक्रम अहके बने। जिस समय यह चुनाव हुआ था, उस वक्त अहके कांग्रेस समर्थित और कमलनाथ के करीबी माने जाते थे। हालांकि, बाद में वे भाजपा के कांग्रेस का बाड़ा खाली करो अभियान में भाजपा के साथ चले गए थे। चुनाव के बाद यह चर्चाएं भी चली थी कि विक्रम अपना फैसला बदलकर पुनः कांग्रेस का दामन थाम रहे हैं। इसके लिए कमलनाथ और नकुल नाथ के साथ उनकी मुलाकातें भी हुईं, हालांकि बाद में यह मामला आगे नहीं बढ़ पाया।

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