लोकसभा चुनाव के पहले राजनीतिक पार्टियों के बीच सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। अब पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने गेहूं के 2700 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य का वादा पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है।
दरअसल, विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपये करने का वादा किया था। जीतू पटवारी ने सीएम को लिखे पत्र में कहा कि पिछले दिनों हुई कैबिनेट मीटिंग के जरिए यह जानकारी दी गई कि मध्य प्रदेश सरकार गेहूं की खरीदी पर प्रति क्विटल 125 रुपये का बोनस देगी। यह बोनस रबी सीजन 2024-25 के लिए दिया जाएगा। उन्होंने लिखा कि सरकार के इस निर्णय से स्पष्ट हो गया है कि गेहूं के लिए 2275 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है, बोनस मिलाकर अब 2400 प्रति क्विंटल हो जाएगा।
पटवारी ने लिखा कि संभव है कि दिल्ली से फिर आई किसी पर्ची के जरिए 125 रुपये की राहत मध्यप्रदेश के किसानों को मिल रही है, लेकिन यह राशि ऊंट के मुंह में जीरे के समान ही है। उन्होंने कहा कि आपकी जानकारी के लिए मैं फिर से यह बताना चाहता हूं कि भाजपा ने चुनावी घोषणा-पत्र में गेहूं पर 2700 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य का वादा किया था। यानी, 20 साल पुरानी सरकार का वादा और विधानसभा चुनाव में "मोदी की गारंटी" अभी भी पूरी नहीं हो पा रही है।
पटवारी ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए लिखा कि ये वही मोदीजी हैं, जिन्होंने किसानों की आय डबल करने का सार्वजनिक वादा किया था, ये वही मोदी हैं, जो जानते हैं कि आमदनी डबल नहीं हुई, लेकिन किसानों का खर्च चार गुना बढ़ चुका है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सीएम से कहा कि आपसे आग्रह है कि गेहूं के लिए घोषित समर्थन मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विटल के आदेश तत्काल जारी करें और यह भी सुनिश्चित करें कि वर्तमान खरीदी से ही इस व्यवस्था को हर हाल में लागू कर दिया जाए।