15वीं, विधानसभा का अंतिम सत्र मंगलवार से
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प्रदेश की 15वीं विधानसभा का अंतिम पांच दिनी सत्र मंगलवार से शुरू होगा। 15 जुलाई तक चलने वाला मानसून सत्र हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं। कांग्रेस ने सरकार को महाकाल लोक घोटाला, सतपुड़ा आग और सीधी पेशाबकांड समेत आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार को लेकर घेरने की रणनीति बनाई है। वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपने मंत्रियों को विपक्ष के हर सवाल का तर्कपूर्ण जवाब देने को कहा है।
इस सत्र में विधायकों ने 1642 तारांकित-अतारांकित प्रश्न पूछे हैं। वहीं, सत्र में 200 ध्यानाकर्षण सूचनाएं दी हैं। 25 स्थगन प्रस्ताव की सूचनाएं, 17 अशासकीय संकल्प व 23 शून्यकाल की सूचनाएं लगाई गई हैं। इस बार सरकार की तरफ से पांच विधेयक पेश किए जाएंगे। इसमें सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य, उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम (कोटपा) 2003, मध्य प्रदेश औद्योगिक निवेश संवर्धन संशोधन विधेयक-2023, आयुर्विज्ञान यूनिवर्सिटी संशोधन विधेयक, मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन और अनुपूरक बजट के साथ ही विनियोग विधेयक पेश किया जाएगा।
विधानसभा में सर्वदलीय बैठक हुई
विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने मंगलवार से शुरू हो रहे सत्र के सुचारू संचालन के लिए सोमवार शाम को सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक में गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह शामिल हुए। बैठक के बाद गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सदन सार गर्भित चले इसके लिए दोनों ही दल की बैठक हुई। विपक्ष मुद्दों पर चर्चा करें। वहीं, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि यह अंतिम और महत्वपूर्ण सत्र है, इसलिए सभी विषयों पर चर्चा हो। इसके लिए बैठक में चर्चा हुई।
कांग्रेस ने बनाई रणनीति
पीसीसी चीफ और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के आवास पर सोमवार शाम को कांग्रेस विधायक दल की बैठक हुई। इसमें विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर पार्टी की रणनीति तैयार की गई। कमलनाथ ने विधायकों से जनता के मुद्दे पुरजोर ढंग से सदन में उठाने के निर्देश दिए। कमलनाथ ने सभी विधायकों को शुभकामनाएं दी और आशा जताई कि आगामी विधानसभा चुनाव में सभी विधायक दोबारा जीतकर आएंगे और नई विधानसभा की विधायक दल की बैठक में भी शामिल होंगे। बैठक के बाद पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोत ने कहा कि कांग्रेस सत्र में उज्जैन हुए महाकाल लोक घोटाले, सतपुड़ा भवन में लगी आग और हाल ही में सीधी में आदिवासी युवक के साथ अत्याचार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। भनोत ने कहा कि मध्य प्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और कुशासन से त्रस्त है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिर्फ झूठे वादे करते हैं और जनता की आकांक्षाओं पर यह सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है। भनोत ने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने को लेकर किए सवाल पर कहा कि सदन को चलाने की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की होती है। यह अनुपूरक बजट जनता के कल्याण के लिए नहीं आ रहा है बजट इसलिए आ रहा है कि शिवराज सरकार 50 फीसदी एडवांस कमीशन ले सके और भ्रष्टाचार कर सके।