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MP News: प्रदेश में फायर संचालनालय का गठन होगा, मंत्री विजयवर्गीय बोले- किराएदारी एक्ट भी बनाएंगे

Fri, 19 Jul 2024 10:41 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

विजयवर्गीय ने कहा कि बहुमंजिला भवनों के लिफ्ट एवं फायर सेफ्टी सिस्टम नगरीय निकाय द्वारा देखे जाएं। फायर संचालनालय का गठन किया जाएगा, इसके लिए लगभग 400 करोड़ का बजट प्रस्तावित है। नए सिरे से फायर एक्ट भी बनाए जाएंगे।
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मंत्री कैलाश विजयवर्गीय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नगरीय निकाय एवं आवास विभाग ने नगर पालिक निगमों के कामों की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को मंत्रालय में बैठक बुलाई। इसमें सभी 16 नगर निगमों के कमिश्नर और महापौर शामिल हुए। नगरीय निकाय एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में महिला महापौर की तरफ से भीड़ के बीच जाने पर सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई। उनकी तरफ से पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की गई। इस पर मंत्री ने उनको स्थानीय स्तर पर सुरक्षा कर्मी उपलब्ध कराने की बात कही। 
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बैठक में मंत्री ने महापौरों और निगमायुक्तों से कहा कि आप शहर सरकार हैं, अपनी शक्तियां पहचान कर कार्य करें, परंतु निर्णय लोकहित में होने चाहिए। नगर निगम क्षेत्रांतर्गत अनधिकृत कॉलोनियों पर सख्ती से रोक लगाई जाए। इस पर महापौर की तरफ से सख्त कानून नहीं होने की बात कही गई तो मंत्री ने कहा कि अब सख्त नियम बनाए जा रहे हैं। साथ ही मंत्री ने किराएदारी एक्ट भी बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग पेंशनर्स मकान बनाकर किराए से देते हैं, उनको किराएदार परेशान करते हैं। इसको लेकर एक्ट बनाएंगे ताकि संपत्ति मालिक को स्वामित्व बना रहे और किराएदार को भी असुविधा ना हो। 

नगर निगमों को मिलेगा फ्री होल्ड का अधिकार 
बैठक में फ्री-होल्ड का मुद्दा भी उठा। इसके नियम बने हैं, लेकिन उसके अनुसार काम नहीं होता। इसके चलते शहर का विकास रूका हुआ है। मंत्री ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों ने नगर निगम को फ्री होल्ड करने के अधिकार देने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि मास्टर प्लान के ग्रीन एरिया में ज्यादा से ज्यादा पौधरोपण करने के लिए कहा है। इससे अवैध कब्जे भी रूकेंगे। 
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फायर संचालनालय बनेगा 
विजयवर्गीय ने कहा कि बहुमंजिला भवनों के लिफ्ट एवं फायर सेफ्टी सिस्टम नगरीय निकाय द्वारा देखे जाएं। फायर संचालनालय का गठन किया जाएगा, इसके लिए लगभग 400 करोड़ का बजट प्रस्तावित है। नए सिरे से फायर एक्ट भी बनाए जाएंगे। शहरों में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए बरात, जुलूसों आदि के लिए नियम बनाए जाएंगे। उन्होंने लोक निर्माण, गृह निर्माण मंडल, रेलवे, विद्युत, दूरसंचार आदि से नगरीय क्षेत्रों में अपने विभागीय कार्यों को करने के पहले आयुक्त एवं महापौर से चर्चा करने के निर्देश दिए। इससे सड़कों पर टूट-फूट होने को रोका जा सकेगा। 

शासकीय भवनों से भी सेवा कर लिया जाए
विजयवर्गीय ने निर्देशित किया कि सभी नगर निगम सौलर ऊर्जा का अधिकाधिक उपयोग करें। नगरीय निकाय सोलर पावर प्लांट लगा सकते हैं, इससे बिजली की बचत होगी। उन्होंने बताया कि बजट का बड़ा हिस्सा बिजली बिल में जाता है। सौर ऊर्जा से बिजली बिल कम कर राशि को विकास कार्यों में लगा सकते हैं। प्रधानमंत्री सूर्य लक्ष्मी योजना से नगरीय निकाय, निजी भवन मालिकों को घरों पर सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित करें। विजयवर्गीय ने कहा कि नगर निगम अपनी आय बढ़ा कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कार्य करे। विज्ञापन के माध्यम से आय वृद्धि की जा सकती है। पुनर्घनत्वीकरण परियोजना को नगरीय निकायों द्वारा लिया जाए और प्रक्रिया को सरल किया जाए। शासकीय भवनों से भी सेवा कर लिया जाए।

वर्केबल रेट से नीचे टेंडर होंगे रद्द 
मंत्री ने कहा कि कई ठेकेदार बहुत कम रेट पर ठेके ले लेते हैं। इससे काम की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसके लिए एक कमेटी बनाने को कहा है, जो यह तय करेगी कि काम का वर्केबल रेट क्या है। इससे कम में टेंडर लेने पर उस टेंडर का रद्द कर दिया जाएगा। इससे काम की गुणवत्ता भी प्रभावित ना हो। नगर निगम में बसों के संचालन के घाटे से निकालने के लिए प्रोफेशनल लोगों को हायर करने को कहा गया है। साथ ही कुत्तों के बंध्याकरण को लेकर भी निजी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है। 

प्रदेश में 2047 तक 50 प्रतिशत शहरीकरण की संभावना
प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास नीरज मंडलोई ने शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने शहरीकरण की आवश्यकता पर अपना प्रेजेंटेशन दिया। शहरी जनसंख्या वर्तमान परिदृश्य में निरंतर बढ़ती जा रही है। प्रदेश में 2047 तक 50 प्रतिशत शहरीकरण होने की संभावना है। प्रदेश में निरंतर शहरीकरण हो रहा है। ग्रामीणों के शहरों में आने पर रोजगार, भोजन, आवास, यातायात, जैसी व्यवस्थाओं के लिए तैयारी करनी होगी। सड़क, बिजली, पानी, जल-मल निकासी पर भी कार्य करना होगा।
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