मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को सभी मंत्रियों को बुलाया तो मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलों को बल मिला। हालांकि, बताया गया कि इस बैठक में मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों पर फोकस करने को कहा गया है। जिलों में सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने उनसे मुलाकात करने को कहा है। मंत्रियों को चुनावी मोड में कार्य करने के निर्देश भी दिए हैं। सीएम ने मंत्रियों को लाड़ली बहना योजना समेत सभी जनहितैषी योजनाओं का प्रचार करने और लोगों में सरकार के लिए साकारात्मक माहौल बनाने के निर्देश दिए हैं।
अंबेडकर महाकुंभ में बड़ा आयोजन
मुख्यमंत्री ने ग्वालियर में 16 अप्रैल को होने जा रहे अंबेडकर महाकुंभ की तैयारी को लेकर भी मंत्रियों से बातचीत की। मंत्रियों को अलग-अलग जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यक्रम में एक लाख लोगों को लाने की योजना है। भाजपा की रणनीति इस कार्यक्रम के जरिये अनुसूचित जाति वर्ग को साधने की है।
मंत्रिपरिषद विस्तार की अटकलें भी तेज
बैठक में सीएम ने सभी मंत्रियों के कामकाज को लेकर भी चर्चा की। सीएम मंत्रियों के परफार्मेंस को लेकर लंबे समय से बातचीत कर रहे हैं। इस बैठक के बाद मंत्रिपरिषद विस्तार की अटकलें भी तेज हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। अभी सीएम के साथ तीस मंत्री है। चार मंत्रियों के पद खाली है। इन पर नए चेहरे को मंत्री पद की शपथ दिलाकर नाराज विधायकों और मंत्रिपरिषद में क्षेत्रीय संतुलन को साधा जा सकता है।