मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को प्रदेश में बड़े बदलावों के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का विकेेंद्रीकरण होगा। साथ ही नए विधायकों और मंत्रिपरिषद के सदस्यों को अपनी भूमिका का निर्वहन प्रभावी तरीके से करने में मदद के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डॉ. यादव ने विधानसभा के विशेष सत्र के पहले दिन मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जारी जनकल्याण और विकास की योजनाओं का क्रियान्वयन हमारी डबल इंजन की सरकार निरंतर प्रभावी रूप से कर रही है। निर्वाचन के माध्यम से प्रदेशवासियों ने विकास के प्रति जो विश्वास व्यक्त किया है, उससे संस्थाओं का मान और विश्वास बड़ा है। हमारा प्रयास है कि प्रशासन का विकेंद्रीकरण हो, अर्थात जिले पर जिला स्तरीय इकाई, संभाग पर संभाग स्तरीय इकाई और प्रदेश स्तर पर प्रदेश स्तरीय इकाई काम करें। यह इकाइयां विकास गतिविधियों के धरातल पर क्रियान्वयन में अपना श्रेष्ठतम योगदान दें। नवनिर्वाचित विधायकों और मंत्रिपरिषद के सदस्यों के लि आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
श्री अन्न के उत्पादन को प्रोत्साहन देंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अन्न (मोटा अनाज या मिलेट्स) के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। प्रदेश में सांस्कृतिक अभ्युत्थान का पर्व चल रहा है। बाबा महाकाल के साथ-साथ ओरछा, सलकनपुर की माताजी और मैहर में महालोक निर्माण का हम रोडमैप बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मीडिया प्रतिनिधि रचनात्मकता व सृजनात्मक भूमिका निभाएं। प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपना सकारात्मक योगदान दें। एक प्रश्न के उत्तर में डॉ. यादव ने कहा कि हमारा समृद्ध विधायक समूह निर्वाचित होकर आया है। जन कल्याण और विकास को समर्पित मंत्रिमंडल का शीघ्र ही गठन किया जाएगा।