मध्य प्रदेश में फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट रिसीप्ट (एफडीआर) बनाने के घोटाले के बाद आबकारी विभाग ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। नेशनल ई-गर्वनेंस सिस्टम पोर्टल की मदद से लागू किया जाएगा। इससे फर्जी एफडीआर बनाने जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगेगी।
आबकारी विभाग में अभी एफडी बैंक में जमा कराकर ऑफ लाइन रिसीप्ट का सत्यापन किया जाता ह। इसका ही फायदा उठा कर इंदौर में शराब ठेकेदारों और अधिकारियों ने सांठगांठ कर 7 हजार की एफडी को 70 लाख और 47 हजार की एफडी को 7 करोड़ की बताकर एफडी घोटाला किया। इसके लिए ठेकेदारों ने अधिकारियों के साथ मिलकर बैंक में कम राशि जमा कराई और जाली एफडीआर तैयार करा ली। इस तरह के मामले आबकारी विभाग में सामने आ रहे है। जिनको विभाग की तरफ से भी दबाया जा रहा है। अब विभाग ने इस गड़बड़ी को रोकने के लिए एफडीआर का ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया शुरू करने की पहल शुरू कर दी है।
पोर्टल से सीधे होगा सत्यापन
विभाग नेशनल ई-गर्वनेंस सिस्टम पोर्टल (एनईएसएल) के साथ नया सिस्टम बना रहा है। इस प्रक्रिया के शुरू होने के बाद शराब ठेकेदारों की बैंक में जमा एफडी को विभाग के अधिकारी एनईएसएस के पोर्टल पर ऑनलाइन सत्यापन कर सकेंगे। इससे फर्जीवाड़े की संभावना खत्म हो जाएगी।
इसी वित्तीय वर्ष में करेंगे शुरू
आबकारी आयुक्त ओपी श्रीवास्तव ने बताया कि एनईएलएल के साथ बातचीत चल रही है। हम एफडी के ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया 2022-23 वित्तीय वर्ष में ही शुरू कर देंगे।