मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के प्रत्याशियों की सूची जारी करने के बाद अब कांग्रेस के प्रत्याशियों का इंतजार है। शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई। बैठक में नाम तय कर लिए गए हैं। इसमें हारी सीटों के साथ ही सिंगल नाम वाली सीटें शामिल हैं।
दिल्ली में शाम चार बजे केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक शुरू हुई। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व कांग्रस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मध्य प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला, पीसीसी चीफ कमलनाथ, नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह और आदिवासी नेता और विधायक ओमकार सिंह मरकाम शामिल हुए। बैठक के बाद पीसीसी चीफ कमलनाथ ने कहा कि अभी हमारी सेंट्रल इलेक्शन कमेटी की बैठक हुई है। हमने बहुत सारे नामों पर चर्चा की है। अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। हम अगले 6 से 7 दिनों में फैसला करेंगे। करीब 130-140 सीटों पर चर्चा हुई है। इसमें सभी के सुझाव सुन लिए हैं। अभी उसके आधार पर फिर से बैठक बुलाकर फैसला करेंगे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि बैठक में 100 से ज्यादा सीटों पर नाम तय कर लिए गए हैं। पार्टी प्रत्याशियों के लिए क्राइटेरिया तय किया गया है कि इस बार बाहरी प्रत्याशियों को टिकट नहीं दिया जाएगा। तीन बार हारे नेताओं को टिकट नहीं दिया जाएगा। वहीं, जिले के बाहर के नेताओं को भी टिकट नहीं दिया जाएगा।
कांग्रेस दो सूची में 230 उम्मीदवार घोषित करेगी
मध्य प्रदेश कांग्रेस की पहली सूची पितृ पक्ष के बाद नवरात्रि में जारी होने की बात कही जा रही है। दरअसल अधिकतर पार्टी के नेता पितृ पक्ष में सूची जारी करने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि प्रत्याशियों की सूची अब नवरात्र में जारी की जाए। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी अपने प्रत्याशियों के नाम दो सूची में जारी करेगी। पहली सूची के बाद दूसरी सूची में बाकी बचे प्रत्याशियों के नामों का एलान कर दिया जाएगा।
सूची में इसलिए हुई देरी
भाजपा ने अब तक तीन सूचियों में 79 प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। इसमें तीन केंद्रीय मंत्री समेत सात सांसदों को चुनाव मैदान में उतारा है। साथ ही एक राष्ट्रीय महासचिव भी प्रत्याशी हैं। भाजपा के दिग्गजों को चुनाव में उतारने के बाद कांग्रेस को चौंका दिया था। इसके बाद पार्टी ने रणनीति में बदलाव करने का निर्णय लिया। यही वजह है कि कांग्रेस की 12 और 13 सितंबर और 3 अक्टूबर को स्क्रीनिंग कमेटी की बैठके हुई। इसके बाद नामों को तय कर सीईसी को प्रस्ताव भेजा गया।
प्रत्याशियों को तैयारी का इशारा
कांग्रेस प्रत्याशियों के चयन को लेकर लंबे समय से तैयारी कर रही है। इसके लिए पीसीसी चीफ कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने लगातार क्षेत्र में दौरे किए और प्रत्याशियों के चयन को लेकर जमीनी फीडबैक लिया। जिसके आधार पर ही हारी सीटों पर प्रत्याशियों का चयन किया गया है। कांग्रेस ने इस बार सिर्फ जिताऊ उम्मीदवार को उतारने का निर्णय लिया है। सिंगल नाम वाली और हारी सीटों पर पार्टी ने पहले ही अपने प्रत्याशियों को चुनाव की तैयारी में जुटने को कह दिया है। यह बात कई बार पीसीसी चीफ भी कह चुके हैं।
सीएम फेस रहेंगे कमलनाथ!
कांग्रेस के मध्यप्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने शनिवार को विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में पीसीसी चीफ कमलनाथ का एक तरह से समर्थन किया। एआईसीसी मुख्यालय में कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के बाद मध्य प्रदेश चुनाव के लिए पार्टी के मुख्यमंत्री पद के चेहरे के बारे में पूछे जाने पर सुरजेवाला ने कहा, ''कमलनाथ मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और जो भी प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष है, वह व्यक्ति स्वाभाविक रूप से कांग्रेस का चेहरा है।”
हालांकि कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर अपना मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित नहीं किया है, लेकिन अगर पार्टी चुनाव में बहुमत हासिल करने में कामयाब होती है तो नाथ को सबसे आगे माना जा रहा है। वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में नाथ का समर्थन कर चुके थे।