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मध्यप्रदेश: शराब ठेकों में अनियमितता के आरोपों पर एक्शन, डिप्टी सीएम देवड़ा ने ओएसडी को हटाया; जांच के निर्देश

Fri, 09 Oct 2026 03:04 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में वर्ष 2024-25 के शराब ठेकों में कथित अनियमितताओं के मामले में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने ओएसडी दीपम रायचूरा को तत्काल प्रभाव से प्रभार से मुक्त कर दिया है। मोहित गोगिया के नाम से प्रसारित कथित बयान में एक करोड़ रुपये लेने के आरोपों के बाद देवड़ा ने संबंधित विभाग को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
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दीपक रायचूरा और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल में वर्ष 2024-25 के शराब ठेकों से जुड़ी कथित अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने ओएसडी दीपम रायचूरा को तत्काल प्रभाव से प्रभार से मुक्त कर दिया है। देवड़ा ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है। उन्होंने संबंधित विभाग को जल्द जांच करने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिस अवधि की अनियमितताओं का मामला सामने आया है, उस समय रायचूरा भोपाल में सहायक आबकारी अधिकारी के पद पर पदस्थ थे और उनके ओएसडी के रूप में कार्यरत नहीं थे। देवड़ा ने कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए रायचूरा को ओएसडी के प्रभार से तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब भोपाल की दो शराब दुकानों के ठेके दिलाने के बदले एक करोड़ रुपये लेने और फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद (एफडीआर) के इस्तेमाल में मदद करने संबंधी आरोपों वाला एक कथित बयान सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।
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मोहित गोगिया के कथित बयान में गंभीर आरोप
करीब 930 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में आरोपी मोहित गोगिया के नाम से प्रसारित बयान में दावा किया गया है कि वर्ष 2024-25 में भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र की दो शराब दुकानों के ठेके जसवंत कुमार के नाम पर दिलाने में मदद की गई थी। कथित बयान में दीपम रायचूरा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया है कि ठेके हासिल करने के लिए बैंक गारंटी के तौर पर इस्तेमाल की गई फर्जी एफडीआर को मंजूरी दिलाने में भी मदद की गई। बयान में कहा गया है कि ठेके दिलाने के बदले एक करोड़ रुपये दिए गए। इसमें 50 लाख रुपये नकद देने और बाकी 50 लाख रुपये आईएसबीटी क्षेत्र में होटल चलाने वाले एक व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर करने का दावा किया गया है। कथित बयान में यह भी आरोप लगाया गया है कि दीपक दुबे के जरिए रकम ली गई थी। इसके अलावा बिना लाइसेंस शराब बिक्री में मदद किए जाने के दावे भी किए गए हैं। 
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मुलाकात कराने और रकम देने का भी दावा
कथित बयान के अनुसार, वर्ष 2022-23 में तनुज सेठी ने गोगिया की मुलाकात रायचूरा से कराई थी। इसके बाद रायचूरा ने उसे दीपक दुबे से मिलवाया था। बयान में दावा किया गया है कि दुबे उनके कामकाज देखते थे।  फिलहाल उपमुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को जांच के निर्देश देने और ओएसडी को प्रभार से मुक्त करने की बात कही है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि शराब दुकानों के ठेकों, एफडीआर और कथित लेनदेन के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं।  
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