फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मध्यप्रदेश: चाय की चुस्की, ढाबे पर मुलाकात और युवा की तारीफ… मुख्यमंत्री मोहन यादव का दिखा ‘देसी अंदाज

Sun, 04 Oct 2026 11:15 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को जबलपुर जाते समय बरेला में अचानक काफिला रुकवाकर सड़क किनारे चाय पी। इसके बाद वे सास-बहू के ढाबे पर पहुंचे और बच्चों को मुफ्त कोचिंग देने वाले युवा मयंक साहू का सम्मान किया।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री  मोहन यादव का रविवार को जबलपुर प्रवास के दौरान अलग अंदाज देखने को मिला। मंडला में तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद जब वे सड़क मार्ग से डुमना विमानतल की ओर जा रहे थे, तभी बरेला में उन्होंने अचानक अपना काफिला रुकवाया। मुख्यमंत्री शारदा माता मंदिर के सामने सड़क किनारे स्थित अग्रवाल होटल की चाय की दुकान पर पहुंचे और वहां बैठकर चाय पी। मुख्यमंत्री को अचानक अपने बीच देखकर स्थानीय लोग भी उत्साहित हो गए। सीएम ने चाय दुकान के संचालक से बातचीत की और दुकान के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने चाय के पैसे भी खुद चुकाए। दरअसल, मुख्यमंत्री के मंडला से सड़क मार्ग से जबलपुर आने की जानकारी मिलने के बाद बरेला में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उनके स्वागत के लिए जमा हुए थे। लोगों को देखकर मुख्यमंत्री ने अपना काफिला रुकवाया और उनसे मिलने पहुंचे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  मंडला को सीएम यादव की बड़ी सौगात: दो नए कॉलेज, टाइगर सफारी-जू और लघु वनोपज प्रोसेसिंग यूनिट का ऐलान

सास-बहू के ढाबे पर भी रुके
इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला बरेला स्थित सन राइज फैमिली ढाबे पर भी रुका। यह ढाबा सास-बहू आरती दुबे और सुरभि दुबे मिलकर संचालित करती हैं। मुख्यमंत्री ने दोनों से बातचीत की और परिवार के सदस्यों के हालचाल जाने। उन्होंने ढाबे पर चाय भी पी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  जाते-जाते कैलाश विजयवर्गीय और अमित शाह में क्या हुई बात? हालिया विवादों के बीच मुलाकात ने बढ़ाई सियासी चर्चा

बच्चों को मुफ्त कोचिंग देने वाले युवा का सम्मान
मुख्यमंत्री ने इस दौरान बरेला के बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग देने वाले युवा मयंक साहू से भी मुलाकात की। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए किए जा रहे मयंक के प्रयास की सराहना की और शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया। मुख्यमंत्री के अचानक चाय की दुकान और ढाबे पर रुकने से स्थानीय लोगों को उनसे सीधे संवाद का मौका मिला। मुख्यमंत्री का यह सहज अंदाज बरेला में लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें