केशव के बहनोई जगदीश तीन महीने पहले भिंड गए थे। बस स्टैंड पर उन्हें शगुन जन कल्याण सेवा समिति का पर्चा मिला। इसमें चार लोगों के नाम और नंबर दिए गए थे। पर्चे में दावा किया गया था कि समिति गरीब बच्चियों की शादी कराती है। पर्चे पर दिए नंबर पर बात करने पर एक महिला ने कॉल रिसीव किया। महिला ने अपना नाम रोशनी तिवारी बताया। उसने रिश्ते के लिए कोलार के विनीत कुंज स्थित ऑफिस बुलाया। जगदीश ने बताया कि 16 जनवरी की दोपहर वे ऑफिस पहुंचे। उन्हें 25 वर्षीय लड़की दिखाई गई। इसके बाद रिश्ता तय हो गया था। रोशनी ने लड़की को अपनी बेटी बताया था। समिति ने शादी कराने के नाम पर 20 हजार रुपये लिए थे।
बरात लेकर पहुंचे, तो मिला सन्नाटा
केशव जब कोलार में बताए पते पर पहुंचा, तो वहां ताला लगा मिला। उन्होंने रोशनी और उसके साथियों को कॉल किया, लेकिन सभी के फोन बंद थे। समिति के ऑफिस में भी ताला लगा था। थाने पहुंचने पर छह दूल्हे शिकायत करते मिले। दूल्हों में दो आगरा, एक शिवपुरी और एक भिंड का था। शेष दूल्हे बिना शिकायत करे ही वापस चले गए।
रिंकू, कुलदीप और रोशनी तिवारी नाम के लोग इस रैकेट को चलाते थे। ये लोग शादी की उम्र की गरीब लड़कियों की तलाश करते थे। वे बिना दहेज के अच्छे घर में शादी करवाने का झांसा देते थे। लड़की को वर दिखाने के बहाने लाते थे। बाद में रिश्ता रद्द करने की बात कहकर लड़की वालों को मना कर देते थे।
मां बनकर झांसा देती थी रोशनी
टीआई के अनुसार कुलदीप तिवारी और उसकी पत्नी रोशनी तिवारी शगुन जन कल्याण सेवा समिति संचालित करते हैं। रोशनी लड़की की मां बनती थी। रिंकू सेन संस्था का कर्मचारी बनता था। रोशनी तिवारी लड़कियों की मां बनकर फरियादियों को ठगती थी। इसमें लड़का और लड़की तो सच्चे होते थे, लेकिन बाकी सब कुछ झूठ होता था। बता दें कि पुलिस ने संस्था के संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।