ऑक्सीजन सिलिंडर की किल्लत से कोविड अस्पतालों में भगदड़
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देश में कोरोना का प्रकोप अब चरम पर पहुंच चुका है। संक्रमित मरीजों की संख्या के साथ-साथ कोविड से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी तेजी से फैल रहा है। वहीं कोरोना के प्रबंधन को लेकर सरकार के वादे खोखले होते नजर आ रहे हैं। मध्यप्रदेश के भोपाल में ऑक्सीजन की कमी से पांच लोगों की मौत हो गई।
विवार को ही मध्यप्रदेश सरकार ने दावा किया था कि राज्य में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा है और सोमवार को इन पांच मरीजों की मौत हो गई। वहीं भोपाल के 20 से ज्यादा अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर अफरा-तफरी मच गई। इसके अलावा एमपी नगर के सिटी अस्पताल में एक दिन में चार कोविड मरीजों की मौत हो गई।
इन मृतकों में 30 साल के सौरभ गुप्ता, 35 साल के तुषार, 60 साल की उर्मिल जैन और आशा पटेल शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऑक्सीजन के लिए कई बार फोन किया गया लेकिन, जब तक इसकी सप्लाई हुई, मरीजों की मौत हो चुकी थी।
यही नहीं करोंद के पीजीबीएम अस्पताल में भर्ती एक महिला को ऑक्सीजन खत्म हो जाने की वजह से छुट्टी देनी पड़ी। इसके बाद महिला का बेटा उन्हें आरोग्य निधी अस्पताल लेकर पहुंचा लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी। इसके अलावा हमीदिया के पास बने एविसेना अस्पताल ने कोविड मरीजों को यह कहकर छुट्टी दे दी कि अब यहां ऑक्सीजन नहीं है, कहीं और ले जाओ।
भोपाल के अलावा इंदौर में कई अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को लेकर बुरा हाल रहा। इंदौर में रविवार रात भंवरकुआं क्षेत्र स्थित गुर्जर अस्पताल में मरीजों के परिजनों ने डॉक्टरों ने यह कह दिया कि ऑक्सीजन खत्म हो गई है, या तो अपने मरीज को ले जाओ या सिलिंडर ले आओ।
यह सुनते ही मरीजों के परिजन ने खाली सिलिंडर उठाए और उसे भरवाने ले गए। परिजन जब सिलिंडर लेकर लौटकर आए तो तब तक पांच मरीजों की मौत हो चुकी थी।