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MP Lok Sabha Chunav: अब खुली कांग्रेस की नींद, तीसरे चरण में अल्पसंख्यक विभाग को मिली जिम्मेदारी

Wed, 24 Apr 2024 11:08 AM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

MP Lok Sabha Chunav: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने मप्र लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के प्रचार के लिए स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। 40 सदस्यों को इस सूची में दो मुस्लिम नेताओं को भी शामिल किया गया है।
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मप्र लोकसभा चुनाव। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेस के जंगले में दशकों से कैद मुस्लिम समुदाय अब छटपटाता नजर आने लगा है। पार्टी की बदली 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की छवि ने उसे आहत किया है। पार्टी के बाहर जो हालात पसरे हैं, उसके अंदर भी इससे बेहतर हालात नहीं बन पा रहे हैं। लगातार मुस्लिम समुदाय की इग्नोर्नेस कांग्रेस को भी समझ आने लगी है। इसी गलती को सुधारने की तरफ बढ़े कदम अब आधे चुनाव में कांग्रेस को कोई फायदा पहुंचाएं या नहीं। लेकिन, पार्टी से जुड़े कुछ मुस्लिम नेताओं को सहेजने की कवायद जरूर बन सकते हैं।

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स्टार प्रचारकों में दो मुस्लिम नेताओं को जगह 
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने मप्र लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के प्रचार के लिए अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है। इस सूची में राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के साथ प्रदेश के नेताओं को भी जगह दी गई है। करीब 40 सदस्यों को शामिल रखने वाली इस सूची में दो मुस्लिम नेताओं को भी शामिल किया गया है। इससे पहले जारी की गई सूची में यह जिम्मेदारी महज एक नेता विधायक आरिफ मसूद तक ही सीमित थी। तीसरे चरण के प्रचार के लिए जारी सूची में मप्र कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष शेख अलीम को शामिल किया गया है। प्रदेश की करीब 45 मुस्लिम बहुल विधानसभा सीटों और करीब 3 मुस्लिम बहुल लोकसभा सीटों को सहेजने किए गए इन प्रयासों का कांग्रेस को क्या फायदा मिलेगा, फिलहाल इसका आंकलन तो नहीं किया जा सकता, लेकिन मुस्लिम वोटर्स को आकर्षित करने के लिए यह कांग्रेस का एक प्रयास जरूर कहा जा सकता है।

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तैयारी अगले चरण की
प्रदेश में होने वाले तीसरे चरण के चुनाव में कुल 8 सीटों पर मतदान होना है। इनमें मुरैना, भिंड, गुना, सागर, विदिशा, भोपाल और राजगढ़ सीट शामिल हैं। इनमें भोपाल, विदिशा और राजगढ़ सीटों पर मुस्लिम बहुलता है। लोकसभा चुनाव के अगले चरण में जो 8 सीटें शामिल होंगी उनमें लगभग सभी सीटें मुस्लिम बहुल हैं। देवास, उज्जैन, मंदसौर, रतलाम, धार, इंदौर, खरगोन और खंडवा सभी सीटें मुस्लिम अधिकता वाले जिले हैं। प्रदेश की कुल मुस्लिम आबादी का करीब 70 फीसदी मालवा निमाड़ के इन्हीं इलाकों में बसती है। कांग्रेस के मजबूत वोट बैंक माने जाने वाले इस समुदाय को सहेजने के लिए ही कांग्रेस ने अब मुस्लिम प्रचारकों की संख्या बढ़ाना शुरू की है। तीसरे चरण के चुनाव में अल्पसंख्यक विभाग अध्यक्ष शेख अलीम को जोड़ने के बाद संभवतः अगले चरण में कुछ और मुस्लिम नाम भी स्टार प्रचारक सूची में जुड़ सकते हैं।
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छिटक रहा कांग्रेस का वोट बैंक
कांग्रेस की बदली विचारधारा ने मुस्लिम समुदाय को अपनी परंपरागत कही जाने वाली पार्टी कांग्रेस से दूर किया है। कांग्रेस द्वारा लगातार कम किए जा रहे मुस्लिम प्रतिनिधित्व में कटौती ने भी समुदाय को इससे दूर करना शुरू किया है। जहां साल 1950 तक मध्य भारत क्षेत्र से कांग्रेस मुस्लिम समुदाय से करीब 22 विधानसभा तक टिकट देती आई है, वहीं अब यह संख्या महज 2 पर आकर टिक गई है। लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने स्व गुफरान ए आजम, स्व डॉ अजीज कुरैशी और असलम शेर खान के बाद लंबे अरसे से किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया है। संगठनात्मक गतिविधियों और पद देने में किए जा रहे गुरेज ने भी मुस्लिम समुदाय को जता दिया है कि कांग्रेस अब उसके लिए विश्वास और सहजता वाली पार्टी नहीं रह गई है। निश्चित तौर से इसका फायदा भाजपा को मिल रहा है। चुनाव दर चुनाव भाजपा के लिए बढ़ता मुस्लिम वोट प्रतिशत आने वाले समय में बड़े बदलाव के रूप में नजर आने की उम्मीद की जाने लगी है।

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