आज अपने अभिनय के चलते अमित सोनी बॉलीवुड में किसी परिचय के मोहताज नही हैं। अमित सोनी मूल रूप से द सिटी ऑफ़ लेक 'भोपाल' से ताल्लुक रखते हैं। अमित सोनी मानते हैं कि बहुत से लोग मुंबई आते हैं और अभिनेता बनने के लिए कोर्स करते हैं लेकिन एक्टर बनना इतना आसान नहीं होता है। अमित ने भी कई उतार-चढ़ाव देखे।
बता दें कि अमित सोनी ने अपने फिल्म करियर की शुरुआत टीवी शो ‘सावधान इंडिया’ से की। उसके बाद उन्होंने 'एनआरआई दूल्हा' में भूमिका निभाई, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते वो रिलीज नहीं हो पाई। फिर डीडी नेशनल का ‘ना हारेंगे हौसला हम’, ‘बेटा भाग्य से बिटिया सौभाग्य से’ किया। इसके बाद स्टार प्लस के प्रसिद्ध सीरियल ‘ये है मोहब्बतें’ की सफलता से उन्हें सर्वश्रेष्ठ नकारात्मक भूमिका और सर्वश्रेष्ठ अभिनय के लिए एक प्रतिष्ठित छवि मिली। ‘फियर फाइल्स’, ‘ससुराल सिमर का’, ‘सलाम इंडिया ’, ‘ श्रीमद् भागवत महापुराण ’, ‘परम अवतार श्रीकृष्ण ’ जैसे सीरियल में उनके दमदार अभिनय को देश और दुनिया में सराहना मिल चुकी है। यही नहीं, उनकी 'शुद्धि' फिल्म मैनचेस्टर लिफ्ट ऑफ फिल्म फेस्टिवल में प्रतिष्ठित पाइनवुड अवार्ड के लिए चयनित हुई है, जिसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 13 अवॉर्ड मिले। अमित सोनी के लिए इस साल का वैलेंटाइन खास होने वाला है। आगामी 14 फरवरी को उनका नया 'तेरे लिए ही जीते हैं ' लांच होने जा रहा है। इसके अलावा दो वेब सीरीज और बड़ी फिल्म पर भी काम चल रहा है।
संघर्ष भरी रही मुंबई की यात्रा
अमित सोनी ने बताया कि जिन्दगी में बहुत उतार और चढ़ाव रहा है। अपनी उच्च शिक्षा गुजरात से प्राप्त करने के बाद ज्वैलरी डिजाइनिंग का कोर्स भी किया। कई बड़ी कंपनी में काम किया उसके बाद एक्टिंग के क्षेत्र में हाथ आजमाया। इसी दौरान सावधान इंडिया का ऑडिशन भी चल रहा था। उसमें चयन हुआ। अमित अभिनय के क्षेत्र में गोविन्द नामदेव को गुरु मानते हैं। उन्होंने सुझाव दिया भोपाल में वरिष्ठ रंगकर्मी आलोक चटर्जी से जाकर एक बार मिलें। उनके साथ काम करने का बेहतरीन अवसर मिला। बॉलीवुड अभिनेता इरफ़ान खान से एक मुलाकात भोपाल में हुई और उनसे प्रेरणा लेकर 'ये हैं मोहब्बतें 'सीरियल में काम किया और अपनी एक कंपनी भी रजिस्टर्ड की।
उचित ट्रेनिंग लेकर ही जाएं मुम्बई
एक्टर अमित सोनी का कहना है अगर आप मुंबई जा रहे हैं तो आपका सबसे पहले एक बहुत अच्छा पैसों का बैकअप भी होना चाहिए कि आप दो से पांच साल आप वहां सरवाईव कर सकें तो ही आप जाएं वर्ना मत जाइए क्योंकि एक फिल्म में चयन होने से लेकर रिलीज होने तक छह महीने तक या साल भर तक लग जाते हैं और ऐसा तो नहीं है कि आपको जाने से काम मिल जाए। साथ ही हर किसी को एक उचित ट्रेनिंग लेकर जाना चाहिए।
मध्यप्रदेश में फिल्म निर्माण की अनंत संभावनाएं
एक्टर अमित सोनी फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकारों को भी जल्द भोपाल ला रहे हैं ताकि मध्यप्रदेश में फिल्म निर्माण की संभावनाओं को तराशा जा सके। वे चाहते हैं कि जब बॉलीवुड हो सकता है। टालीवुड हो सकता है तो फिर अपना भोपालीवुड क्यों नहीं हो सकता है? हमारा भी एक हब बनना चाहिए। खूबसूरत लोकेशंस के अलावा सुविधाजनक स्थल होने की वजह से डायरेक्टर्स फिल्म की शूटिंग के लिए मध्यप्रदेश आ रहे हैं। फिल्म निर्माताओं को शूटिंग की अच्छी लोकेशन यहां आसानी से मिल जाती है, साथ ही मध्यप्रदेश सरकार फिल्म के अनुकुल बुनियादी ढांचा स्थापित करने के उसे प्रोत्साहन भी दे रही है। यहां शूटिंग के लिए परमिशन और एनओसी मिलना भी अन्य राज्यों की अपेक्षा आसान है। मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में लगातार हो रही शूटिंग के चलते ही हाल ही में 68वें राष्ट्रीय फिल्म में मध्यप्रदेश ने 13 राज्यों को पीछे छोड़ते हुए दूसरी बार मोस्ट फ्रेंडली स्टेट का दर्जा पाया है। पूरे देश में फिल्मों के निर्माण के लिए मध्यप्रदेश सब्सिडी सबसे अच्छी दे रहा है। मध्यप्रदेश सरकार फिल्म निर्माण के क्षेत्र को बढ़ावा देना के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
वैलेंटाइन डे को लांच होगा नया गाना
इस बार वैलेंटाइन डे पर उनका नया सांग 'तेरे लिए ही जीते हैं ' लॉन्च होने जा रहा है। इस गाने को हृदयेश कांबले ने निर्देशित किया है। इस गाने में उनके साथ अभिनेत्री स्नेहा सिंह भी शामिल हैं। शाहिद माल्या के साथ तृप्ति शाक्य के इस गाने में अपना संगीत दिया है। तृप्ति शाक्य वर्सेटाइल पार्श्व गायिका हैं, जो पिछले 25 वर्षों से गा रही हैं। तृप्ति को ‘कभी राम बांके कभी श्याम बनके ’ भजन के माध्यम से खासी शोहरत मिल चुकी है। पार्श्वगायिका के तौर पर विभिन्न भाषाओँ में उनके सैकड़ों ऑडियो और वीडियो एल्बम अब तक जारी हो चुके हैं।