मध्य प्रदेश में टीबी मुक्त बनाने के लिए सरकार तमाम प्रयास कर रही है। लेकिन पिछले एक साल में प्रदेश के 10 जिलों में टीबी के मरीजों में बढ़ोतरी हुई है। खास बात यह है कि राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा मरीज बढ़े हैं। जानकारी के लिए बता दें कि 2025 में अभी तक भोपाल में 2000 से ज्यादा नए मरीज ढूंढे जा चुके हैं। 24 मार्च आज विश्व टीबी दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। राजधानी भोपाल के कई अस्पतालों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। वहीं इंडस्ट्रियल क्षेत्र में टीबी जागरूकता के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कुल संख्या में आई कमी
जानकारी के लिए बता दें कि जहां प्रदेश के 10 जिलों में टीबी के मरीज बढ़े हैं, वहीं पूरे प्रदेश की बात करें तो मरीजों में कमी आई है। 2024 में एमपी में टीबी मरीजों की कुल संख्या 1 लाख 80 हजार 290 दर्ज की गई है, जबकि 2023 में 1 लाख 82 हजार 290 थी। वहीं 2022 में मध्य प्रदेश में टीबी के मरीजों की संख्या 1 लाख 85 हजार 904 दर्ज की गई थी। प्रदेश में क्षय रोगियों की संख्या में कमी लाने के लिए सरकार दवा और पोषण आहार दोनों स्तर पर काम कर रही है।
मध्य प्रदेश के इन जिलों में बढ़े मरीज
जिला 2023 2024
भोपाल 11757 12,850
इंदौर 9308 10,275
आगर मालवा 1274 1347
बड़वानी 2378 2418
भिंड 3968 3976
बुरहानपुर 1926 2295
दमोह 3615 3704
दतिया 1872 2391
देवास 1922 2510
धार 4931 5119
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टीबी को जड़ से मिटाने सरकार कर रही प्रयास
मध्य प्रदेश में टीबी की बीमारी को जड़ से मिटाने के लिए दवाओं से लेकर पोषण आहार तक की व्यवस्था की जा रही है। रोगियों को पोषण आहार के लिए भी राशि उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा टीबी के गरीब मरीजों की मदद के लिए एनजीओ की भी मदद ली जा रही है, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी प्रदेश के 10 जिलों में टीबी के मरीजों की संख्या कम होने के स्थान पर बढ़ गई है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी राजधानी भोपाल में हुई है।
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भोपाल में लेबर क्लास में ज्यादा असर
भोपाल जिले के क्षय अधिकारी प्रांजल खरे बताया कि भोपाल में बड़ी संख्या में लेबर क्लास आती हैं और इसको देखते हुए अलग-अलग स्थानों पर कैंप लगाकर स्क्रीनिंग की जा रही है। घर-घर जाकर दवाएं भी पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा पीड़ितों के आयुष्मान कार्ड भी बनवाए जा रहे हैं। उन्होने बताया कि टीबी रोग माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस कीटाणु के कारण होता है। यह कीटाणु हवा के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। जब सक्रिय टीबी रोग से पीड़ित कोई व्यक्ति खांसता, बोलता है तो टीबी के कीटाणु हवा में फैलते हैं।