राजधानी भोपाल में कलेक्टर गाइडलाइन 2025-26 का ड्राफ्ट संपदा 2.0 की वेबसाइट पर ऑनलाइन जारी किया गया। इसके अनुसार भोपाल के 2,887 लोकेशन में औसतन 18 प्रतिशत रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है। प्रस्ताव आने के बाद जहां आम जनता इसका विरोध कर रही है वहीं पक्ष-विपक्ष के नेता भी इस पर कड़ा एतराज जाता रहे हैं। आम नागरिक अपनी आपत्तियां और सुझाव 19 मार्च की शाम 5 बजे तक कलेक्टर कार्यालय, वरिष्ठ जिला पंजीयक कार्यालय और आईएसबीटी कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन भी अपने सुझाव एवं आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
प्रभारी मंत्री-विधायकों से मिले क्रेडाई सदस्य
मामले में मंगलवार को क्रेडाई सदस्यों ने प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप, मंत्री कृष्णा गौर और विधायक भगवानदास सबनानी से मुलाकात की। कहा कि यह प्रस्ताव जनता पर बोझ डालेगा। इसलिए गाइडलाइन पर रोक लगाई जाए। प्रभारी मंत्री काश्यप एवं जिला मूल्यांकन समिति के सदस्य सबनानी ने गाइडलाइन दरों की मूल्यांकन प्रणाली की पारदर्शिता, वर्षवार दरों और उपबंधों के क्लीन डेटा एक्सेस, स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति द्वारा विश्लेषण की मांग को उचित बताया। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित कर समाधान के लिए ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया।
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पारदर्शिता लाने पर सहमति
प्रभारी मंत्री और विधायक के साथ क्रेडाई सदस्यों ने बैठक की। इस दौरान गाइडलाइन दरों की समीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने पर सहमति जताई गई। साल 2005 से 2025 तक के गाइडलाइन डेटा को सार्वजनिक करने की मांग उचित मानी गई। गाइडलाइन दरों की अनियंत्रित वृद्धि के प्रभावों का विश्लेषण स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से कराने का सुझाव दिया गया। वहीं, वर्तमान वृद्धि की समीक्षा करने और लोकहितकारी समाधान निकालने पर सहमति बनी।
बढ़ेगा जनता पर बेवजह बोझ
क्रेडाई अध्यक्ष मनोज मीक ने बताया कि गाइडलाइन दरों की असंतुलित वृद्धि न केवल शहरी विकास बल्कि आम नागरिकों, व्यापार और औद्योगिक विकास के लिए भी बाधक है। पारदर्शिता और संतुलन के बिना की गई बढ़ोतरी बाजार में अस्थिरता लाती है। निवेश को हतोत्साहित करती है और आवासीय व व्यवसायिक संपत्तियों को आमजन की पहुंच से बाहर कर देती है। प्रस्तावित गाइडलाइन जनता पर बेवजह बोझ बढ़ाएगा।
बैठक के प्रमुख निष्कर्ष
1. गाइडलाइन दरों की समीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने पर सहमति।2. 2005 से 2025 तक के गाइडलाइन डेटा को सार्वजनिक करने की मांग उचित मानी गई।
3. गाइडलाइन दरों की अनियंत्रित वृद्धि के प्रभावों का विश्लेषण स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से कराने का सुझाव।
4. वर्तमान वृद्धि की समीक्षा करने और लोकहितकारी समाधान निकालने पर सहमति।
15 साल में होगी सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
जानकारी के लिए बतादें कि अगर यह प्रस्ताव पास होता है तो भोपाल में बीते 15 साल में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी होगी। आखिरी बार 2011-12 में 31.50 फीसदी बढ़ोतरी हुई थी। अब अगर यह प्रस्ताव मंजूर हुआ तो साल 2024-25 में कुल 3,885 लोकेशनों में दाम बढ़ाए जाएंगे। इस साल नर्मदापुरम रोड, कोलार, भानपुर, सलैया, कोकता बायपास जैसी करीब 100 जगह दाम सीधे दोगुने करने का प्रस्ताव है। वहीं, 23 जगह ऐसी हैं, जहां जमीन के दाम 100 रुपये/वर्गफीट से बढ़ाकर 230 रु./वर्गफीट करने की सिफारिश है। इनमें भोपाल व आसपास के क्षेत्र जैसे दुबड़ी, अगरिया, सेमरीखुर्द, प्रेमपुरा, समर्धा, पिपलिया, गोविंदपुरा औद्योगिक वार्ड और छापरबंद हैं। 1,602 जगह बदलाव नहीं किया गया है। भानपुर खंती हटने के बाद अयोध्या बायपास में बढ़े दाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। इसलिए दाम बढ़ाए जा रहे हैं। कोकता बायपास-बगरोदा व्यावसायिक्षेत्र बन गयाहै, जहां संपत्ति के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं।
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जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
प्रभारी मंत्री चैतन्य काश्यप: सुझावों को न्यायसंगत बताते हुए अधिकारियों को निर्देशित करने का आश्वासन दिया।
मंत्री विश्वास सारंग: गाइडलाइन दरों में हुई वृद्धि से आमजन प्रभावित हो रहा है। मैं सुझाव आपत्तियों से सहमत हूं।
मंत्री कृष्णा गौर: क्रेडाई और अन्य व्यापारी संगठनों को पूरी तरह से समर्थन का भरोसा दिया।
विधायक भगवानदास सबनानी: प्रभारी मंत्री के साथ बैठक में शामिल होकर पारदर्शिता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
विधायक रामेश्वर शर्मा: बढ़ती गाइडलाइन दरें लोगों के लिए बोझ बन रही है। बाजार को प्रभावित कर रही हैं। मैं इस विषय को मजबूती से रखूंगा।
यह मांग उठाई