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भोपाल: आदेश खामरा को दोहरा उम्रकैद, ट्रक लूटने के लिए ड्राइवर-क्लीनर की हत्या, आठ साल बाद आया फैसला

Wed, 30 Sep 2026 06:30 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के चर्चित ट्रक लूट और डबल मर्डर केस में अदालत ने मुख्य आरोपी आदेश खामरा और जयकरण प्रजापति को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आठ साल पुराने इस मामले में ट्रक बेचने में मदद करने वाले दो अन्य आरोपियों को भी जेल की सजा मिली है।
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डकैती मामले में तीन दोषियों को सजा - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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ट्रक लूटने के बाद ड्राइवर और क्लीनर की हत्या के आठ साल पुराने मामले में भोपाल की अदालत ने मुख्य आरोपी आदेश खामरा और उसके साथी जयकरण प्रजापति को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। नवम अपर सत्र न्यायाधीश आशुतोष शुक्ल की अदालत ने दोनों को दो हत्याओं का दोषी मानते हुए उम्रकैद के साथ अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई। उन्होंने सजा सुनाते हुए कहा कि ये सिर्फ लूट नहीं, सुनियोजित हत्या थी। मामले में ट्रक बेचने में मदद करने वाले साहब सिंह उर्फ बलजिंदर सिंह और सुनील खटीक को भी सजा दी गई है। इस मामले में शवों की पहचान के लिए की गई डीएनए जांच और ट्रक की वैज्ञानिक जांच महत्वपूर्ण कड़ी बनी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतकों से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामग्री भी बरामद की थी। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में आरोपपत्र पेश किया था। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक डॉ. रामकुमार खत्री ने पैरवी की। अदालत के फैसले के साथ जून 2018 से चल रहे इस मामले में अब निचली अदालत स्तर पर सुनवाई पूरी हो गई है।
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ट्रक गायब हुआ, साथ में ड्राइवर-क्लीनर भी लापता
मामला जून 2018 का है। अशोका गार्डन थाना क्षेत्र से ट्रक क्रमांक MP 04 HE 8073 गायब हुआ था। ट्रक के ड्राइवर राजेश पंवार और क्लीनर नूर खां का भी कोई पता नहीं चल रहा था। शुरुआत में दोनों की गुमशुदगी और ट्रक गायब होने की जांच शुरू हुई। जांच के दौरान पुलिस को ट्रक लूट के दूसरे मामले में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में महत्वपूर्ण सुराग मिले। बिहार से बरामद ट्रकों में से एक की वैज्ञानिक जांच की गई तो वह भोपाल से गायब हुए ट्रक का निकला। इसके बाद जांच की दिशा बदली और राजेश पंवार व नूर खां के लापता होने का राज भी सामने आया। 
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लूट के बाद दोनों की हत्या  
पुलिस की जांच के मुताबिक, आदेश खामरा और जयकरण प्रजापति ने ट्रक लूटने के बाद ड्राइवर राजेश पंवार और क्लीनर नूर खां की हत्या कर दी थी। दोनों के शव चंदेरी और मुंगावली क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर फेंके गए थे। शव सड़ी-गली हालत में मिलने के कारण उनकी पहचान आसानी से नहीं हो सकी। इसके बाद डीएनए जांच कराई गई और दोनों शवों की पहचान राजेश पंवार और नूर खां के रूप में हुई। जांच में पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतकों के आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और फोटो भी बरामद किए। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों का ट्रक लूटकर उन्हें बेचने का नेटवर्क था और इस मामले में भी लूटे गए ट्रक को बेचने की कोशिश की गई थी। 

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दो मुख्य आरोपियों को दोहरा आजीवन कारावास
अदालत ने आदेश खामरा और जयकरण प्रजापति को धारा 302 के तहत दो हत्याओं के लिए दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा दोनों को धारा 365/120बी, 397/120बी, 414/120बी, 201/120बी और 482/120बी के तहत भी अलग-अलग अवधि की सजा और जुर्माने से दंडित किया गया है। वहीं, ट्रक बेचने में मदद करने वाले साहब सिंह उर्फ बलजिंदर सिंह और सुनील खटीक को धारा 414/120बी के तहत तीन-तीन साल के सश्रम कारावास और धारा 482/120बी के तहत एक-एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। 

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