फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टीईटी की तारीख करीब: शिक्षक फॉर्म भरने को तैयार नहीं, चौथे दिन भी आंदोलन जारी, उज्जैन संभाग के शिक्षक पहुंचे

Wed, 30 Sep 2026 06:17 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के नीलम पार्क में टीईटी की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का आंदोलन चौथे दिन भी जारी रहा। बुधवार को उज्जैन संभाग के शिक्षक धरने में पहुंचे। शिक्षकों ने तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी टीईटी मुक्ति का प्रस्ताव पारित करने की मांग की। 5 अक्टूबर की आवेदन अंतिम तारीख नजदीक होने के बावजूद शिक्षक फॉर्म नहीं भरने के रुख पर कायम हैं।
 
विज्ञापन
शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में चल रहा शिक्षकों का आंदोलन बुधवार को चौथे दिन भी जारी रहा। टीईटी के आवेदन की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर नजदीक है, लेकिन आंदोलन कर रहे शिक्षक परीक्षा का फॉर्म नहीं भरने के अपने रुख पर कायम हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले समेत उज्जैन संभाग के बड़ी संख्या में शिक्षक नीलम पार्क पहुंचे और सरकार के सामने टीईटी से मुक्ति समेत अपनी मांगें रखीं।
विज्ञापन

अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के बैनर तले 27 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन चल रहा है। आंदोलन के चौथे दिन उज्जैन संभाग के उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच से शिक्षक पहुंचे। शिक्षकों ने कहा कि लंबे समय से सरकारी सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को लेकर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए।

तमिलनाडु-जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर प्रस्ताव की मांग
धरने में शिक्षक नेताओं ने मध्यप्रदेश सरकार से तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर प्रदेश में टीईटी मुक्ति का प्रस्ताव पारित करने की मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को दोबारा पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के दायरे में लाने के बजाय सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। शिक्षक नेताओं ने कहा कि टीईटी की अनिवार्यता का मुद्दा प्रदेश के बड़ी संख्या में सेवारत शिक्षकों से जुड़ा है। इसलिए सरकार को आंदोलनकारियों से चर्चा कर मांगों का समाधान निकालना चाहिए।
विज्ञापन


डेढ़ लाख में करीब 30 हजार आवेदन
टीईटी के आवेदन की अंतिम तारीख 5 अक्टूबर है। शिक्षक संगठनों के अनुसार प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को परीक्षा से संबंधित प्रक्रिया में शामिल होना है, लेकिन अब तक करीब 30 हजार आवेदन ही हुए हैं। आंदोलनकारी शिक्षक टीईटी का फॉर्म नहीं भरने और परीक्षा का बहिष्कार करने के रुख पर कायम हैं। यही वजह है कि आवेदन की अंतिम तारीख जैसे-जैसे करीब आ रही है, सरकार और शिक्षक संगठनों के बीच गतिरोध भी अहम होता जा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि उनकी मांगों का निराकरण होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

यह भी पढें-एमपी में तेज बारिश का दौर थमा: अब इसी सप्ताह मानसून की विदाई की तैयारी,आज 19 जिलों में बूंदाबांदी

तीन मांगों को लेकर आंदोलन
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करना, पहली नियुक्ति की तारीख से सेवा अवधि की गणना करना और ई-अटेंडेंस व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना शामिल है।
शिक्षक नेताओं का कहना है कि पहली नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना होने पर शिक्षकों को उनकी पूरी सेवा अवधि के आधार पर सेवानिवृत्ति से जुड़े लाभ मिल सकेंगे। वहीं ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर भी शिक्षक संगठन इसमें आ रही समस्याओं का समाधान चाहते हैं।
विज्ञापन


यह भी पढें-ट्रेनिंग पूरी,रोम्स पोर्टल का इंतजार: महीनों से वेतन को तरस रहे स्वास्थ्य आउटसोर्स कर्मचारी,जाने क्या बदलेगा?

मांग पूरी होने तक जारी रहेगा धरना
अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मांगों के निराकरण तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है। संगठन की ओर से कहा गया कि शासन स्तर पर पहले भी मांगों को लेकर ज्ञापन और चर्चा हो चुकी है, लेकिन अब शिक्षक ठोस निर्णय चाहते हैं।कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश और सदस्य अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश उपेंद्र कौशल ने कहा कि शिक्षकों की मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। धरने को संयुक्त मोर्चा के जगदीश यादव, मनोहर दुबे, राकेश दुबे, राकेश नायक, राकेश पटेल, डीके सिंगौर और परमानंद डेहरिया सहित अन्य शिक्षक नेताओं ने संबोधित किया। आंदोलनकारियों ने प्रदेशभर के शिक्षकों से धरने में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। अब 5 अक्टूबर की आवेदन अंतिम तारीख से पहले सरकार की ओर से कोई निर्णय आता है या नहीं, इस पर शिक्षकों की नजर है।



 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें