फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ramadan: कभी पटियेबाजी के लिए मशहूर था भोपाल, अब रमजान में सारी रात रहता है गुलजार

Fri, 22 Mar 2024 02:19 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

रमजान महीने के दौरान राजधानी भोपाल के बाजार सारी रात गुलजार दिखाई दे रहे हैं। शहर का चौक बाजार, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड, लखेरापुरा आदि इन दिनों देर शाम लोगों की आवाजाही से आबाद होना शुरू होता है। यह रौनक पूरी रात रहती है।
विज्ञापन
देर रात गुलजार शहर का बाजार। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भोपाल शहर की पटियेबाजी कभी दुनियाभर में मशहूर हुआ करती थी। सियासत से लेकर कारोबारी और दोस्ताना रिश्ते निभाई भी इस शहर में पटियों पर ही पूरी हुआ करती थी। कालांतर में ये संस्कृति खत्म तो हो गई, लेकिन अब सारी रात की जगाई और बंद बाजारों की दुकानों पर बैठकर बातों के लंबे सिलसिले अब भी बदस्तूर जारी हैं। इसी नजरिए के चलते रमजान महीने के दौरान शहर के बाजार सारी रात गुलजार दिखाई देते हैं। खरीद फरोख्त, तफरीह, खानपान से लेकर रतजगे के किस्से अब बाजारों में पूरे होते दिखाई देते हैं।

विज्ञापन


शहर का चौक बाजार, इब्राहिमपुरा, नदीम रोड, लखेरापुरा आदि इन दिनों देर शाम लोगों की आवाजाही से आबाद होना शुरू होता है। यहां आमद का सिलसिला अल सुबह सेहरी के वक्त तक जारी रहता है। जहां चौक बाजार और नदीम रोड कपड़े, सौंदर्य प्रसाधन और घरेलू सजावट से आबाद दिखाई देता है। वहीं, लखेरापुरा चप्पल जूतों के खरीदारों की भीड़ समेटे रहता है। लोहा बाजार बच्चों के कपड़ों की डिमांड पूरी करता दिखाई दे रहा है। इसी तरह इब्राहिमपुरा मैन रोड पर रेडीमेड गारमेंट की सेल और किफायती दाम पर मिलने वाले जूते चप्पल की दुकानों से सजा हुआ है।

पकवानों की पूर्ति यहां से
शहर के थोक किराना बाजार मंगलवारा और जुमेराती में भी देर रात तक ग्राहकों की मौजूदगी बनी हुई है। शुरुआत में रमजान के लिए पापड़, रमजानी आइटम और किराना सामान के लिए लोगों की दौड़ लगी हुई थी। अब रमजान के 10 दिन बीत जाने के बाद लोगों ने ईद की तैयारियों की तरफ रुख कर लिया है। जिसके चलते मंगलावारा और जुमेराती के बाजारों में भीड़ दिखाई दे रही है। सैवय्या, ड्राई फ्रूट और त्योहारी तैयारियों के लिए यहां खरीदी हो रही है।
विज्ञापन


चाय की प्यालियों की झंकार
पुराने शहर के बुधवारा, इतवारा, शब्बन चौराहा, शाहजहांबाद, लक्ष्मी टाकीज क्षेत्र में भी सारी रात चहल पहल बनी हुई है। अपनी खासियतों के साथ नमक वाली चाय की चुस्कियां यहां ली जा रही हैं। एक प्याली चाय और लंबी चर्चाओं के दौर के बीच दुकानों से ज्यादा बाहर खड़े लोग रात आबाद करते नजर आ रहे हैं।

यहां मिल रहे स्वाद के चटखारे
किसी जमाने में शहर की चटोरी गली नॉन वेज खानपान के लिए मशहूर हुआ करती थी। लेकिन धीरे धीरे यहां दुकानों का वजूद सिमटता गया और यहां कुछ गिनती की दुकानें ही बाकी हैं, जो स्वाद के शौकीनों को सारी रात अपनी तरफ आकर्षित करती रहती हैं। चटोरी गली का पर्याय बन चुके काजी कैंप ने इन दिनों खानपान के शौकीनों को नया अड्डा मुहैया करा दिया है। बिरियांन, चिकन, फिश और मटन के विभिन्न आइटम के साथ पान, बीड़ी, गुटके की तलब लिए लोगों यहां सारी रात जुटे रहते हैं। बताया जाता है कि क्षेत्र की दुकानों पर रमजान माह में शटर बंद नहीं होता। यहां तीन शिफ्ट में दुकानें आबाद हो रही हैं।

और बनेंगे अस्थाई बाजार
रमजान और ईद की खरीद फरोख्त के लिए शहर में कुछ अस्थाई बाजार लगने की परंपरा भी पिछले कुछ सालों से जारी है। गौहर महल, आरिफ नगर, टीला जमालपुरा, निजाम उद्दीन कालोनी, जहांगीराबाद बाजार, बाग फरहत अफजा, बाग मुफ्ती साहब जैसे इलाकों में लगने वाले इन बाजारों में सारी रात चहल पहल बनी रहती है।

बदली हुई है दिनचर्या
सारी रात बाजार आबाद करने वाला शहर सुबह सेहरी और फजिर की नमाज से फारिग होकर सो रहा है। इसके बाद इनके जागने का समय देर दोपहर जौहर की नमाज के वक्त होता है। कामकाजी लोगों और सरकारी नौकरी पेशा लोगों को छोड़कर अधिकांश लोग इसी दिनचर्या के साथ दिन पूरा करते हुए शाम को इफ्तार के लिए बाजारों में होते हैं। इसके बाद तरावीह की नमाज अदा करते ही इनके नए दिन की शुरुआत बाजारों में होती है।
विज्ञापन


(भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट) 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें