फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ashoknagar: झोलाछाप डॉक्टर की क्लीनिक सील, जांच दल को देखकर डॉक्टर साहब भागे

Sun, 21 Jul 2024 04:46 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर

सार

गांव-गांव में उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, पास के ही गांव पठारी चक्र में 13 मरीज भर्ती हैं, जिसमें एक बच्ची की मौत भी हो गई है। इसके चलते यह सभी झोलाछाप डॉक्टरों की क्लीनिक को चेक किया जा रहा है। 
विज्ञापन
अशोकनगर में झोलाछाप डॉक्टर की क्लीनिक सील कर दी गई। - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आदेश के बाद जिले की मुंगावली तहसील में भी झोलाछाप डॉक्टरों पर नकेल कसने की कार्रवाई की जा रही है। राजस्व एवं स्वास्थ्य विभाग और पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानों पर जाकर उनके दस्तावेज चेक किए। एक क्लीनिक पर छापा मारा तो वहां मौजूद डॉक्टर दल को देखकर भाग गए। 
विज्ञापन


ब्लॉक मेडिकल डॉक्टर ने बताया कि जिस क्लीनिक पर हम पहुंचे थे, उस क्लीनिक पर किसी भी तरह के दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे और जो अंदर थे वो दुकान छोड़कर चले गए थे। क्लीनिक को सील किया गया है। इधर कार्रवाई की जानकारी नगर में फैलते ही कई प्राइवेट चिकित्सक अपने क्लीनिक के शटर लगाकर भूमिगत हो गए। जांच दल की संयुक्त कार्रवाई से पूरे शहर में हड़कंप मचा हुआ है, क्योंकि कई डॉक्टरों के पास ना तो चिकित्सा का पंजीयन है, और ना ही उनके पास क्लिनिक संचालित करने का रजिस्ट्रेशन है। 

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अजय जाटव ने बताया कि यह कार्रवाई भोपाल और जिलाधीश और सीएचएमओ के आदेश पर की जा रही है। क्योंकि गांव-गांव में उल्टी दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ रही है, पास के ही गांव पठारी चक्र में 13 मरीज भर्ती हैं, जिसमें एक बच्ची की मौत भी हो गई है। इसके चलते यह सभी झोलाछाप डॉक्टरों की क्लीनिक को चेक किया जा रहा है जो बिना डिग्री धारी हैं जिसके पास किसी भी प्रकार की डिग्री नहीं है।
विज्ञापन


ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर अजय जाटव ने कहा कि गांव-गांव में इस समय उल्टी-दस्त के कई मरीज़ हैं। पठारी चक्क पर 13 मरीज़ बीमार हुए थे, जो कि सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। जिनमें से एक बच्ची की मौत भी ही गई है। अधिकारियों के निर्देश हैं कि प्राइवेट क्लीनिकों को चेक किया जाए जो बिना डिग्री धारी हों किसी भी प्रकार की डिग्री नहीं हो, वो भी क्लीनिक तो नहीं चला रहे हैं। यहां पर आकर उनकी डिग्री पूछी तो यह दुकान छोड़कर चले गए। इसलिए इस दुकान को सील किया गया। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें