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Ashoknagar: बच्ची की मौत, PHE अफसर बोले- पानी से नहीं गई जान, ग्रामीणों ने कहा- बोर के पानी से बिगड़ी तबीयत

Sun, 21 Jul 2024 12:36 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अशोकनगर

सार

तहसीलदार दीपक यादव ने कहा कि चार परिवारों के लोग बीमार होने की सूचना मिली थी। मौके पर जाकर जांच की गई और बोरवेल में क्लोरीन और ब्लीचिंग पाउडर डलवाकर उसे बंद कर दिया गया है।
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गांव में पहुंची अधिकारियों की टीम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अशोकनगर जिले की मुंगावली तहसील के ग्रामीण इलाकों में पानी की वजह से उल्टी और दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। शुक्रवार की शाम को पठारी चक्क आदिवासी क्षेत्र में 11 लोगों को अचानक उल्टी और दस्त शुरू हो गए, जिन्हें तत्काल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान 6 वर्षीय बच्ची रामसखी पुत्री कल्याण सिंह आदिवासी की मौत हो गई। इस घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जांच की।

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घटना की जानकारी मिलते ही शनिवार को एसडीएम वरुण अवस्थी, तहसीलदार दीपक यादव और जनपद सीईओ अशोक शर्मा ने गांव में पहुंचकर घटना की जानकारी ली। प्रशासन ने बोरवेल के पानी की जांच कराई, जिसमें कोई विशेष गंदगी नहीं पाई गई। हालांकि, बोरवेल के आसपास एक सोखता गड्ढा मिला, लेकिन वहां भी कोई खास गंदगी नहीं मिली। प्रशासन ने बोरवेल में ब्लीचिंग पाउडर डलवाकर उसे बंद कर दिया। 
 
इन लोगों की बिगड़ी तबीयत
ग्राम पठारी चक्क आदिवासी में 11 लोगों की तबीयत खराब हुई है। हेमलता आदिवासी (25), मीनाक्षी आदिवासी (2), लीला आदिवासी (25), नंथु आदिवासी (58), अंज्जो आदिवासी (15), विशाल आदिवासी (3), अजय आदिवासी (27),  अनिल आदिवासी (3), राजकुमारी आदिवासी (25), मोहित आदिवासी (6) का सिविल अस्पताल में उपचार किया जा रहा है।
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पहले भी बिगड़ चुकी है लोगों की तबीयत
ग्रामीणों का कहना है कि बोरवेल के पानी पीने से उल्टी और दस्त हो रहे हैं। इससे पहले भी साजनमाऊ ग्राम में दूषित पानी पीने के कारण ग्रामीणों की तबीयत खराब हुई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) की लापरवाही के कारण समय पर पानी की टेस्टिंग नहीं होती है, जिससे ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं।

पीएचई विभाग की लापरवाही
इस घटना के बाद पीएचई विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। विभाग की जिम्मेदारी है कि वह ग्रामीण इलाकों में पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच करे और पानी को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए। लेकिन, विभाग की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

दवाई डालने के बाद लिया गया पानी का सैंपल
पठारी चक्क आदिवासी में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने दवाई डालने के बाद पानी का सैंपल लिया। सब इंजीनियर रोहित त्यागी ने कहा कि घरों में रखा पानी का भी सैंपल लिया गया है और उसकी रिपोर्ट भी जल्द ही आ जाएगी। उन्होंने कहा कि यह घटना दूषित पानी से नहीं बल्कि फूड प्वाइजनिंग की वजह से हुई है।  

सभी लोग पानी उबालकर पिएं
तहसीलदार दीपक यादव ने कहा कि चार परिवारों के लोग बीमार होने की सूचना मिली थी। मौके पर जाकर जांच की गई और बोरवेल में क्लोरीन और ब्लीचिंग पाउडर डलवाकर उसे बंद कर दिया गया है। उल्टी-दस्त की दवाई और ओआरएस के घोल ग्रामीणों में वितरित किए गए हैं और लोगों से पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है।

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