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कार हादसे में मृत व्यापारी की पत्नी, बेटी व दोस्त बाल-बाल बचे

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लखनऊ। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर रविवार रात हादसे में कार के भीतर जिंदा जले व्यापारी आदित्य कोठारी का परिवार व दोस्त भी देर रात गोसाईंगंज इलाके में हादसे का शिकार हो गए। हालांकि हादसे में सिर्फ इनकी कार ही क्षतिग्रस्त हुई है और सभी लोग बाल-बाल बच गए। मालूम हो कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर सुल्तानपुर में हुए भीषण हादसे में आदित्य के साथ ही उनकी दुकान के कर्मचारी विक्रम सिंह व पंकज कश्यप भी जिंदा जल गए थे।
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जानकीपुरम के सहारा स्टेट के मल्हार ब्लॉक निवासी आदित्य कोठारी (50) की कपूरथला में मॉडर्न बुक्स शॉप है। रविवार शाम आदित्य अपनी दुकान के कर्मचारी विक्रम सिंह व पंकज कश्यप संग सुल्तानपुर में सनी जायसवाल के यहां उनके भाई के प्रीतिभोज में गए थे। रात आठ बजे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सुल्तानपुर के गोसाईंगंज में कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई थी। हादसे में तेज धमाके के साथ कार में आग लग गई थी और उसमें सवार तीनों लोग अंदर फंस गए थे। कार सवार आदित्य कोठारी, विक्रम सिंह व पंकज कश्यप की जलकर मौत हो गई थी। पुलिस ने आदित्य की कार के नंबर के आधार पर लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस की मदद से तीनों मृतकों की पहचान कराई थी।
हादसे की सूचना मिलते ही आदित्य के दोस्त संतोष गुप्ता, आदित्य कोठारी की पत्नी प्रतिभा कोठारी व बेटी ऋचा को लेकर सुल्तानपुर रवाना हो गए। गोसाईंगंज इलाके के कबीरपुर में हाईवे पर बेकाबू ट्रक ने संतोष की कार में साइड से टक्कर मार दी। उन्होंने किसी तरह कार किनारे रोकी तो ट्रक दोबारा उनकी ओर आ गया। राहगीरों ने किसी तरह ट्रक रुकवाया तो चालक कूदकर भाग गया। ट्रक में ड्राइविंग सीट के बगल में शराब की बोतल और नमकीन मिलीं। इससे आशंका जताई जा रही है कि चालक शराब पीते-पीते ही ट्रक चला रहा था। संतोष ने बताया कि हादसे में कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि वह और आदित्य की पत्नी व बेटी बाल-बाल बच गईं। संतोष ने 112 नंबर पर हादसे की सूचना दी तो पुलिस ने ट्रक कब्जे में ले लिया था। संतोष ने बताया कि उन्होंने अभी रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई है।
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तीनोें परिवारों में पसरा मातम
लखनऊ। हादसे में आदित्य कोठारी, विक्रम सिंह व पंकज कश्यप की मौत से तीनों के परिवारों में कोहराम मचा है। दोस्तों व रिश्तेदारों ने बताया कि आदित्य मिलनसार और खुशमिजाज इंसान थे। वह अपनी दुकान के स्टाफ को परिवार की तरह मानते थे। सोमवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद सुल्तानपुर से उनका शव अलीगंज में गोयल चौराहे के पास उनके बड़े भाई के घर लाया गया। आदित्य के दोस्त संतोष ने बताया कि बाहर से कुछ रिश्तेदार अभी नहीं आ पाए हैं। ऐसे में मंगलवार सुबह भैंसाकुड में अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, हादसे में मृत विक्रम सिंह मूल रूप से सीतापुर के महमूदाबाद के रहने वाले थे। वह गुडंबा के कल्याणपुर में पत्नी व दो मासूम बेटियों संग रहते थे। विक्रम के परिवार में भी हादसे से मातम पसरा है। परिवार के लोग व रिश्तेदार शव लेकर महमूदाबाद गए हैं। हादसे में मृत पंकज कश्यप जानकीपुरम गार्डन में पत्नी व दो मासूम बेटों संग रहते थे। सोमवार देर शाम पंकज के घर पर रिश्तेदारों व परिचितों का तांता लगा था। हालांकि तब तक शव नहीं आ सका था। पंकज का भी अंतिम संस्कार मंगलवार को होगा।
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