लखनऊ। चिलम पीने आए युवक रवि उर्फ निशु की कुल्हाड़ी से सिर काटकर हत्या करने और साक्ष्य छिपाने के लिए शव के कपड़े उतारकर नाले में फेंकने के आरोपी बाबा गोपाल दास उर्फ संजय गुप्ता को दोषी ठहराते हुए एडीजे योगेंद्र राम गुप्ता ने आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। कोर्ट ने मृतक की मां को पीड़ित क्षतिपूर्ति स्कीम के तहत 2 लाख रुपये देने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेज दिया है। रवि की मां वादिनी रजनी ने 29 मार्च 2015 को हुसैनगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कोर्ट में सरकारी वकील नरेंद्र यादव और सीमा सिंह ने तर्क देकर बताया कि वादिनी रजनी ने 29 मार्च 2015 को हुसैनगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका बेटा रवि उर्फ निशु स्मैक और शराब का नशा करता है।कहा गया कि 27 मार्च की सुबह 9 बजे रवि घर से कही चला गया हैएसभी जगहों पर पता किया लेकिन रवि का कुछ पता नही चला।मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना शुरू की थी इसी दौरान रवि का सिरकटा शव हजरतगंज कोतवाली नाले के पास मिला।सरकारी वकीलों ने बताया कि पुलिस विवेचना में पता चला कि रवि बाबा गोपाल दास की जियामऊ स्थित कुटिया में चिलम पीने गया था जहाँ बाबा गोपाल दास ने वादिनी के पुत्र रवि की कुल्हाड़ी से सर काटकर हत्या कर दिया और सबूत छिपाने के लिए उसे नंगा करके नाली में फेंक दिया।