उत्तर प्रदेश सरकार आईएएस की तर्ज पर पीसीएस में भी लेटरल इंट्री पर विचार कर रही है। इसमें पीसीएस अधिकारियों के 10 प्रतिशत रिक्त पदों पर अन्य विभागों से स्थानांतरण सेवा व लेटरल एंट्री के माध्यम से पेशेवरों की नियुक्ति हो सकती है। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने कार्मिक विभाग को इस संबंध में विचार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। दूसरे विभागों व लेटरल इंट्री के जरिए पीसीएस के करीब 45 पदों पर नियुक्ति हो सकती है।
केंद्र सरकार देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में परीक्षा के माध्यम से आईएएस अधिकारियों की नियुक्ति के अलावा अन्य क्षेत्रों से (लेटरल एंट्री) विशेषज्ञों को सिस्टम में शामिल करने की शुरुआत कर चुकी है। इसके अंतर्गत केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में आईएएस अधिकारियों की तैनाती वाले संयुक्त सचिव के कई पदों पर निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है। मुख्य सचिव मिश्र लंबे समय तक केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश के मुख्य सचिव की जिम्मेदारी संभालने के बाद राज्य में प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं।
वर्तमान में यह स्थिति है
- 1577 पद स्वीकृत हैं पीसीएस काडर में। इनमें से 448 पद रिक्त हैं।
- अगर रिक्त पदों के सापेक्ष 10 फीसदी पद लेटरल एंट्री से भरे जाएं तो 45 विशेषज्ञों की नियुक्ति हो सकती है।