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हर महीने एक लाख हिट्स वाले वेब पोर्टल को भी विज्ञापन देगी सरकार, मीडिया नीति में संशोधन जल्द

Mon, 20 Nov 2017 08:31 PM IST
महेंद्र तिवारी/अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम योगी आदित्यनाथ
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प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार वेब मीडिया नीति में जल्द ही संशोधन करने जा रही है। इसमें एक लाख से अधिक यूनिक यूजर प्रतिमाह वाले वेब पोर्टलों के लिए एक नई श्रेणी जोड़ने और हिट्स की संख्या प्रतिमाह न्यूनतम ढाई लाख के स्थान पर एक लाख करने का प्रस्ताव है।
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वहीं, हिट्स की गणना के लिए छह महीने की जगह अब तीन महीने का औसत आधार लिया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में न्यूज व वेब पोर्टल सरकारी विज्ञापन पाने की पात्रता में आ जाएंगे। प्रस्तावित संशोधन पर आम लोगों के सुझाव मांगे गए हैं।

प्रदेश की पूर्ववर्ती अखिलेश यादव सरकार पिछले साल वेब मीडिया नीति लेकर आई थी। इसमें विज्ञापन मान्यता व विज्ञापन देने को लेकर काफी सख्त प्रावधान हैं। नए-नए न्यूज पोर्टल व अन्य वेब पोर्टल का लगातार आना जारी है। मगर, मौजूदा नीति की शर्तों की वजह से वे इस नीति का लाभ नहीं ले पा रहे। योगी सरकार ज्यादा से ज्यादा वेब पोर्टल को सरकारी विज्ञापन के लाभ के दायरे में लाने के लिहाज से नीति में कई संशोधन करने जा रही है।
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विज्ञापन वितरण के लिहाज से वर्तमान में 50 लाख से अधिक, 20 से 50 लाख व 2.5 लाख से 20 लाख यूनिक यूजर प्रतिमाह की श्रेणी है। छह महीने के औसत के आधार पर इसकी गणना की जाती है। प्रस्तावित संशोधन में एक नई श्रेणी ‘घ’ सृजित होगी। इसमें एक लाख से 2.5 लाख यूनिक यूजर प्रतिमाह होंगे।

तीन श्रेणियों की दरों में कोई बदलाव नहीं, ये हैं प्रस्ताव के प्रमुख ‌बिंदु

इस श्रेणी के वेब पोर्टल के लिए मूल्य प्रति हजार इंप्रेशन (सीपीटीआई) के आधार पर विशेष दर 15 रुपये होगी। मौजूदा तीन श्रेणियों की दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसके अलावा गंभीर किस्म के अपराधों में लिप्त लोगों द्वारा संचालित पोर्टल को सरकारी विज्ञापन न दिए जाने की बात भी शामिल है।

प्रस्ताव के मुख्य बिंदु
- विज्ञापन उन वेबसाइट्स व पोर्टल को देने का प्रस्ताव है जिनकी प्रतिमाह हिट्स संख्या एक लाख होगी। वर्तमान में यह ढाई लाख है।

- हिट्स की गणना के लिए तीन महीने का औसत आधार लिया जाएगा। अभी छह महीने का औसत लिया जाता है।

- विज्ञापन उन्हीं वेब पोर्टल को मिलेगा जो सभी प्रमुख ब्राउजर्स (मोबाइल सहित) के अनुकूल हो ताकि न्यूज वेबसाइट या पोर्टल के समाचार सोशल साइट्स जैसे फेसबुक, ट्विटर व व्हाटसएप पर भी समय से पढ़ा जा सके।

- जो वेबसाइट व न्यूज पोर्टल मोबाइल फोन पर उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें विज्ञापन नहीं मिलेगा।
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विदेशी वेबसाइट को भी देंगे विज्ञापन

सूचना विभाग प्रदेश में पंजीकृत कार्यालयों वाले वेब पोर्टल तथा जिनका पंजीकृत कार्यालय बाहर है लेकिन वे 50 प्रतिशत से अधिक सामग्री यूपी की प्रकाशित करते हैं, उन्हें विज्ञापन देने के लिए रजिस्टर्ड कर सकेगा।

ऐसी विदेशी वेबसाइट व पोर्टल को भी विज्ञापन दिया जा सकेगा जिनमें प्रदेश के समाचार नियमित रूप से देश के समाचार के अनुपात में पर्याप्त मात्रा में प्रकाशित होते हों।

इस पर निदेशक सूचना अनुज कुमार झाा का कहना है कि यूपी वेब मीडिया नीति-2016 में संशोधन से जुड़ा ड्राफ्ट सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट पर जारी कर दिया गया है। इस पर लोग 22 नवंबर तक सुझाव दे सकते हैं। सुझावों पर विचार कर नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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