भाजपा समर्थित नितिन को 304 मत मिले। विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या भी 304 है, लेकिन उसके करीब 15 विधायक मतदान करने नहीं पहुंचे। भाजपा के तीन वोट खारिज भी किए गए। हालांकि अपना दल (एस) के विधायकों सहित बसपा के एक, कांग्रेस के दो बागी विधायकों ने भाजपा का खुलेआम समर्थन किया है। तीन निर्दलीयों का समर्थन भी भाजपा को मिला।
28 विधायक अनुपस्थित
उपाध्यक्ष चुनाव में बसपा के सात, कांग्रेस के पांच, सुभासपा के एक (ओमप्रकाश राजभर) और भाजपा के करीब 15 विधायक अनुपस्थित रहे।