केंद्र सरकार ने जिन एक्सपायर परिवहन दस्तावेज (लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस, परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, फिटनेस सर्टिफिकेट) की वैधता 31 अक्टूबर 2021 तब बढ़ाई थी, वह खत्म हो गई है। अब इन परिवहन दस्तावेजों के सहारे वाहन को चलाना भारी पड़ सकता है। यानी प्रवर्तन दस्ते वाहन का चालान कर सकते हैं। सबसे अधिक परेशानी कामर्शियल वाहन मालिकों (ट्रांसपोर्टरों) को होगी। ट्रांसपोर्टरों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेज करके इस वैधता को 31 मार्च 2022 तक बढ़ाने की मांग उठाई है।
उधर, इस वैधता के न बढ़ने के कारण 20 हजार से अधिक लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस परमानेंट होने के बजाय निरस्त हो जाएंगे। लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता छह माह होती। मगर, परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की लंबी वेटिंग के कारण ये आवेदक खामियाजा भुगतेेंगे। अखिल भारतीय परिवहन विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष जगदीश गुप्ता एवं उपाध्यक्ष दिलीप लांबा ने संयुक्त रूप से प्रधानमंत्री को लिख करके अवगत कराया कि ट्रांसपोर्टरों की जेब पर डीजल की महंगाई भारी पड़ रही। इससे आय का मोटा हिस्सा डीजल एवं टोल पर खर्च हो रहा जिससे कामर्शियल वाहनों के संचालन में दिक्कत हो रही है। वैधता 31 मार्च 2022 कर दी जाएगी तो ट्रांसपोर्टरों को राहत मिलेगी।