राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनाने का संकल्प लिया है। इसके मद्देनजर प्रदेश के जिन मंडलों में राज्य विश्वविद्यालय है, वहां एक राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी। इसी तरह न्यून सकल नामांकन दर वाले 26 जिलों में मॉडल राजकीय महाविद्यालय खोले जाएंगे। वहीं, राजकीय महाविद्यालयों के भवन निर्माण के लिए भी 200 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत उच्च शिक्षा संस्थानों को बडे़ बहुविषयक विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, हाईयर एजुकेशन इंस्टीट्यूट (एचईआई) के क्लस्टर, नॉलेज हब स्थानांतरित कर उच्च शिक्षा के विखंडन को खत्म किया जाएगा। प्रदेश सरकार इसके लिए संसाधन, सामग्री और मनुष्य की कार्यकुशलता में बढ़ोतरी में मदद करेगी। सरकार ने उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय स्तर की बनाने का संकल्प लिया है।
उधर, सहारनपुर, आजमगढ़ और अलीगढ़ में स्थापित किए जा रहे राज्य विश्वविद्यालयों के लिए सरकार ने भूमि उपलब्ध कराई है। सिद्धार्थनगर में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, प्रयागराज में प्रो. राजेंद्र सिंह विश्वविद्यालय और लखनऊ में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के भवन निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। प्रयागराज में विधि विश्वविद्यालय की स्थापना भी जा रही है।
निजी सहभागिता से हर मंडल में खुलेगा सैनिक स्कूल
प्रदेश के प्रत्येक मंडल में निजी सहभागिता से एक सैनिक स्कूल की स्थापना की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी। मैनपुरी, अमेठी और झांसी के बकाया कामों को पूरा कराने और गोरखपुर में एक नए सैनिक स्कूल का निर्माण के लिए 90 करोड़ का बजट प्रावधान किया है। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के लिए 200 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई है।
इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा निदेशालय का गठन किया जाएगा। वहीं, संस्कृत विद्यालयों का गुरुकुल पद्धति के अनुसार संचालन कर विद्यार्थियों को सरकार निशुल्क छात्रावास और भोजन की सुविधा देगी। राजकीय संस्कृत विद्यालयों और माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के कार्यालय भवन के लिए 5 करोड़ रुपये, निर्माणधीन राजकीय इंटर कॉलेजों के शेष कार्यों को पूरा करने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है। वहीं लखनऊ स्थित कैप्टन मनोज पांडेय सैनिक स्कूल में ऑडिटोरियम की क्षमता बढ़ाने के लिए 15 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
बेसिक शिक्षा के लिए बजट में खास
- कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को निशुल्क यूनिफार्म के लिए 40 करोड़ रुपये।
- कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को जूता-मोजा और स्वेटर के लिए 300 करोड़ रुपये।
- कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को निशुल्क स्कूल बैग के लिए 110 करोड़ रुपये।
- मिड डे मील के लिए 3406 करोड़ रुपये।
- समग्र शिक्षा अभियान के लिए 18,172 करोड़ रुपये।