पुलिस के प्रताड़ित किए जाने के मामले में रिपोर्ट नहीं भेजने पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने एसएसपी अयोध्या को समन जारी किया है। एसएसपी अयोध्या को व्यक्तिगत रूप से सात फरवरी को उपस्थित होने का आदेश दिया है।
आयोग के चेयरमैन जस्टिस बालकृष्ण नारायण ने अपने आदेश में कहा है कि छह दिसंबर को आदेश कर चेतावनी देते हुए चार जनवरी से पहले रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था। इसके बाद भी एसएसपी ने कोई रुचि नहीं ली। यह सीधे तौर पर आयोग के आदेश की अवहेलना है। चेयरमैन के आदेश के बाद बुधवार को सचिव ने एसएसपी अयोध्या को समन भेज दिया है।
यह समन अयोध्या के गांव बोझवा, थाना तारून की कुसुम गिरी की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने पर हुआ है। कुसुम का कहना था कि पति को झूठे केस में फंसाया गया। 27 अक्टूबर को पहले जबरन घर से दरोगा हरे कृष्णा अपने हमराहियों के साथ उठा ले गए। इसके बाद बाजार में चाकू सहित घूमते पकड़े जाना दिखाकर जेल भेज दिया। पति का कोई आपराधिक इतिहास नहीं होने की बात भी पीड़िता ने कही। उससे कहा गया कि अगर पति को छोड़ने के लिए पैसा नहीं दिया तो जिंदगी बर्बाद कर देंगे।