विभाग ने पूर्व में सरकारी फंड से 18380 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना की। साथ ही विभिन्न कंपनियों के सीएसआर फंड के सहयोग से भी 15 हजार विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनवाई गई है।
प्रदेश में बेसिक विद्यालयों के बच्चों को अत्याधुनिक तकनीकी से पढ़ाई और डिजिटल कंटेंटे उपलब्ध कराने के लिए तेजी से स्मार्ट क्लास का निर्माण कराया जा रहा है। इसी क्रम में विभाग ने सात हजार और स्कूलों को चिह्नित कर वहां पर स्मार्ट क्लास की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विभाग ने पूर्व में सरकारी फंड से 18380 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना की। साथ ही विभिन्न कंपनियों के सीएसआर फंड के सहयोग से भी 15 हजार विद्यालयों में स्मार्ट क्लास बनवाई गई है। अब तक विभिन्न माध्यमों से कुल 40 हजार विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना की जा चुकी है। प्रदेश में 1.34 लाख बेसिक विद्यालयों में बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने बताया कि विभाग का प्रयास है कि हर विद्यालय के बच्चे को आधुनिक तकनीकी से शिक्षा दी जाए। इसके लिए स्मार्ट क्लास के साथ-साथ स्मार्ट लैब, आईसीटी लैब आदि का भी विकास कराया जा रहा है। हम विभिन्न मदों व विभिन्न संस्थाओं के सहयोग से विद्यालयों में स्मार्ट क्लास का निर्माण करा रहे हैं। इसे और गति दी जाएगी।
विज्ञापन
शिक्षामित्रों का नवंबर का मानदेय जारी
प्रदेश में बेसिक विद्यालयों में तैनात 1.40 लाख शिक्षामित्रों का नवंबर का मानदेय जारी कर दिया गया है। शासन की ओर से इस मद में 130 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने सभी बीएसए को नियमानुसार शिक्षामित्रों के खाते में पीएफएमएस प्रणाली से इसका भुगतान करने के निर्देश दिए हैं।
अनुदेशकों का अनुबंध नवीनीकरण के निर्देश
प्रदेश में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों के दूसरे चरण का अनुबंध नवीनीकरण के निर्देश दिए गए हैं। शासन ने सभी बीएसए को निर्देश दिया है कि जिले के अंदर नए विद्यालय के लिए संविदा नवीनीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने कहा है कि मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड सूची में जो कमियां हो उन्हें जल्द दूर कर लिया जाए। अगर इसके बाद भी कोई कमी मिलती है तो संबंधित बीएसए का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा।