उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (यूपी रेरा) ने घर खरीदारों की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए कई बड़े बिल्डरों और प्रमोटरों पर कार्रवाई का आदेश दिया है। बेंच की सुनवाई में महागुन, महालक्ष्मी, गौर्स, एसजेपी होटल्स और पंचशील समूह से जुड़े मामलों की जांच हुई, जिसमें गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। प्राधिकरण ने इन कंपनियों पर रेरा अधिनियम की धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई का रास्ता साफ किया है।
बेंच के समक्ष महागुन ग्रुप से जुड़ी 16 शिकायतें आईं। जांच में सामने आया कि समूह ने रेरा पोर्टल पर इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन की एक ड्रॉइंग को गलत तरीके से इलेक्ट्रिकल एनओसी बताकर अपलोड किया। यह खरीदारों को गुमराह करने और अनुचित लाभ लेने की कोशिश थी। पहले ही चेतावनी देने के बावजूद अनुपालन न करने पर बेंच ने सभी मामलों को धारा 63 के तहत कार्रवाई के लिए यूपी-रेरा सचिव को भेजा।
ये भी पढ़ें - अखिलेश यादव बोले-भाजपा ने झूठे वादे किए, महिलाओं से हो रहे अपराध; कहां गया एंटी रोमियो स्क्वाड
ये भी पढ़ें - छोटी सी किडनी में भरा था 13 लीटर पानी, केजीएमयू के डॉक्टर देखकर हुए हैरान...इस तरह बचाई जान
इसी तरह महालक्ष्मी ग्रुप पर 9 शिकायतें दर्ज हुईं। जांच में पाया गया कि कंपनी ने खरीदारों को अलॉटमेंट लेटर और बीबीए निर्धारित प्रारूप में नहीं दिए। यह रेरा अधिनियम की धारा 13 का उल्लंघन है। बेंच ने इसे गंभीर मानते हुए मामलों को दंडात्मक कार्रवाई हेतु भेजा।
इसी तरह एसजेपी होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्रा. लि., पंचशील बिल्डटेक प्रा.लि., गौर्स रियलटेक प्रा. लि., महालक्ष्मी इन्फ्राहोम्स प्रा. लि., गौर्स हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. के खिलाफ मिली शिकायतों पर कार्रवाई के लिए भेजा है।