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UP: जीते के दावे... एनडीए @80 और इंडिया @49, 10 सीटों पर कांटे की टक्कर; नौकरशाहों ने भी लगाया जीत-हार का गणित

Sun, 02 Jun 2024 02:49 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लोकसभा चुनाव के सातवें और अंतिम चरण का मतदान खत्म हो चुका है। मतदान खत्म होने के बाद उत्तर प्रदेश में सभी दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।
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UP Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण का मतदान खत्म होने के साथ ही सभी सियासी दल अब हार जीत का अनुमान लगाने में जुट गए हैं। हर दल अपनी-अपनी बढ़त का दावा कर रहा है। एनडीए जहां प्रदेश की सभी 80 सीटों पर जीत का दावा कर रहा है, वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया 49 सीटों पर दावा कर रहा है।
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36 सीटों पर सपा अपनी जीत पक्की मान रही है। जबकि, कांग्रेस भी गठबंधन में मिली 17 में से 12 सीटों पर जीत तय मान रही है। भदोही सीट पर भी गठबंधन अपनी जीत का दावा कर रहा है। 

भाजपा : 65 से 70 सीटें जीतने की उम्मीद
प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का दावा है कि एनडीए यूपी की सभी 80 सीटों पर जीत दर्ज करने जा रही है। हालांकि पार्टी की ओर से कराए गए आंतरिक सर्वे में 65 से 70 सीट पर जीत मिलने की उम्मीद जताई गई है। सर्वे में पहले चरण की रामपुर और मुरादाबाद और दूस चरण की संभल और अमरोहा सीट पर कड़ी टक्कर बताई गई है। जबकि दोनों चरणों में छह-छह सीटों पर जीत पक्की बताई जा रही है।
  • सूत्रों के मुताबिक, तीसरे चरण के सर्वे में भी मैनपुरी और फिरोजाबाद को छोड़कर शेष सभी आठ सीटों पर जीत मिलने की उम्मीद जताई गई है। चौथे चरण में भी भाजपा को सबसे अधिक सीट मिलने की संभावना बताई गई है। इस चरण की 13 सीटों में सिर्फ कन्नौज पर कांटे की टक्कर और शेष 12 सीटों पर भाजपा को भारी बताया गया है।
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  • हालांकि सूत्रों का कहना है कि पार्टी के अपने सर्वे में जो कुछ सामने आया उसके मुताबिक, भाजपा को कौशांबी और बांदा में कड़ी टक्कर मिल सकती है, जबकि छठवें चरण में भाजपा को सबसे अधिक सीटों पर संघर्ष करना पड़ रहा है। 

चुनावी रणनीति से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इस चरण में प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, बस्ती और आजमगढ़ में कड़ा संघर्ष करना पड़ा है। इन जगहों पर हार-जीत का अंतर काफी कम हो सकता है। अंतिम चरण में भी भाजपा सिर्फ गाजीपुर और घोसी में कड़ा संघर्ष मान रही है, शेष सीटों पर जीत पक्की होने का दावा कर रही है। 
 

कांग्रेस : 12 सीटें जीतने का दावा
इंडिया गठबंधन के तहत प्रदेश की 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही कांग्रेस को उम्मीद है कि वह रायबरेली और अमेठी के साथ ही प्रयागराज, देवरिया, बांसगांव, सहारनपुर, अमरोहा, फतेहपुर सीकरी, बाराबंकी, झांसी सीट जीत सकती है। जबकि मथुरा, बुलंदशहर, गाजियाबाद, सीतापुर समेत पांच सीटों पर कांटे का संघर्ष रहा है।
  • पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय का दावा है कि पार्टी कम से कम 12 सीटें जीतेगी। जातिगत समीकरण पक्ष में रहा है। कांग्रेस का घोषणा पत्र मतदाताओं को पसंद आया है।

सपा : प्रदेश में 36 सीटों की उम्मीद
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव यूं तो सभी सीटें इंडिया को मिलने का दावा कर रहे हैं। लेकिन 49 सीटें गठबंधन के खाते में आती मान रहे हैं। इसमें 36 सीटें उनकी और 12 सीटें कांग्रेस की शामिल हैं। भदोही की सीट भी तृणमूल कांग्रेस के खाते में जा सकती है।

  • सपा के रणनीतिकारों के अनुसार, पहले चरण में चार सीटें-कैराना, मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद उनकी झोली में आ सकती हैं। दूसरे चरण की बागपत, मेरठ, अलीगढ़ और अमरोहा सीट पर विजय सुनिश्चित मानकर चल रहे हैं। तीसरे चरण की तो 10 में से 6 सीटों पर उनका अपना दावा है। ये सीटें हैं-मैनपुरी, एटा, फिरोजाबाद, संभल, बदायूं और आंवला हैं।

 

  • चौथे चरण में कन्नौज, इटावा, फर्रुखाबाद, हरदोई, अकबरपुर, शाहजहांपुर, उन्नाव और बहराइच में सपा के लोग खुद को आगे मान रहे हैं। पांचवें चरण में फैजाबाद, जालौन, बांदा, कौशांबी और गोंडा को काफी मजबूत मान रहे हैं।

  • छठे चरण में आजमगढ़, लालगंज, जौनपुर, मछलीशहर, अंबेडकरनगर व डुमरियागंज को सपा अपना मानकर चल रही है। इसी तरह से सातवें चरण में घोसी, गाजीपुर, सलेमपुर और चंदौली में सपा के रणनीतिकार अपनी जीत सुनिश्चित मान रहे हैं।
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नौकरशाहों ने भी लगाया जीत-हार का गणित
कुछ नौकरशाहों ने भी यूपी में चुनाव परिणाम को लेकर अपना आकलन किया है। उनका मानना है कि 52 सीटें भाजपा बहुत आसानी से जीत लेगी। इसी तरह से विपक्षी गठबंधन इंडिया की 18 सीटों पर आसान जीत होगी। 10 सीटों पर मार्जिन इतना कम रहेगा कि ऊंट किस करवट बैठेगा, अनुमान लगाना मुश्किल है।
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