श्रावण मास की धार्मिक परंपरा के तहत 25 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होनी थी। कोरोना की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए पिछले साल की तरह इस वर्ष भी कांवड़ संघों ने यात्रा स्थगित करने का फैसला लिया है। श्रद्धालु स्थानीय मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक कर सकते हैं। इस दौरान कोविड प्रोटोकाल का पालन करना अनिवार्य होगा।