उद्योग जगत परियोजनाओं के लिए आसानी से भूमि उपलब्धता के लिए सरकार से ज्यादा सहूलियत चाहता था। भूमि अधिग्रहण कानून में तमाम बदलाव के सुझाव दिए गए थे लेकिन सरकार ने केवल प्रक्रिया को सहज बनाने से संबंधित एक संशोधन का ही मन बनाया है। प्रस्तावित संशोधन का मसौदा तैयार है। इस पर कैबिनेट की सहमति लेने की तैयारी चल रही है।
केंद्र की सहमति के बाद होगा लागू
जानकर बताते हैं कि भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 एक केंद्रीय कानून है। ऐसे में राज्य सरकार को इस कानून में संशोधन संबंधी प्रस्ताव को सहमति के लिए केंद्र सरकार को भेजना होगा। बताया जा रहा है कैबिनेट की सहमति लेने के बाद इसे राज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। केंद्र की सहमति मिलने के बाद ही यह प्रदेश में लागू हो सकेगा।