अखिलेश यादव सरकार और हाईकोर्ट का रिश्ता कुछ-कुछ छात्र और शिक्षक सा होता जा रहा है। ऐसा लगने लगा है कि बिना फटकार के यहां काम नहीं होते।
एक बार फिर हाईकोर्ट की फटकार पड़ने के बाद ही यूपी सरकार जागी है।
हालांकि, उत्तर प्रदेश में मतदान के ठीक एक दिन पहले एक ऐसा फैसला लिया गया है, जिससे वोटों पर असर पड़ सकता है।
पहले उच्च न्यायलय की फटकार के बाद और भारत निर्वाचन आयोग की अनुमति के बाद प्रदेश शासन द्वारा उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग का गठन कर दिया गया है।
इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
शकील अहमद बने अध्यक्ष
प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं नगर विकास मंत्री आजम खां ने यह जानकारी देते हुए बताया कि वाराणसी के शकील अहमद को अल्पसंख्यक आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। शकील अहमद राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल खिलाडी रहे हैं। नियुक्त किए गए आठ सदस्यों में दो महिला सदस्य भी शामिल हैं।
आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति कार्य भार ग्रहण करने कि तिथि से तीन वर्ष या राज्य सरकार के प्रसाद पर्यन्त, जो भी पहले हो, के लिए की गई है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम-1994 में संशोधन करते हुए वर्ष 2013 में आयोग में एक अध्यक्ष तथा दो महिलाओं सहित आठ सदस्यों को नियुक्त किये जाने का प्राविधान किया गया है।