मुख्यमंत्री ने बताया कि वायरस की जांच से संबंधित नमूने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भी लिए जाएंगे। वहां नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) पुणे का सेंटर है। उनके पास वायरस पहचानने की आधारभूत सुविधाएं हैं। केजीएमयू, एसजीपीजीआई, बीएचयू और एएमयू अलीगढ़ में नमूने की जांच की व्यवस्था है। सभी जिलों में आइसोलेशन वार्ड हैं। इस अभियान में आईएमए का सहयोग भी लिया जा रहा है।
हर व्यक्ति को मास्क लगाने की जरूरत नहीं
योगी ने कहा कि हर व्यक्ति को मास्क लगाने की जरूरत नहीं है। जो संक्रमित या संदिग्ध हैं, वही मास्क लगाएं। मास्क व ग्लब्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। कहीं भी मास्क या सेनेटाइजर का स्टॉक करने और कालाबाजारी की सूचना मिली तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रदेश के 75 जिलों के अस्पतालों में 820 बेड और 24 मेडिकल कॉलेजों में 448 बेड आरक्षित किए गए हैं। कुल 1268 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा 1155 कोरेनटाइन बेड की व्यवस्था की गई है।
प्रदेश सरकार ने चीन में वायरस का संक्रमण फैलते ही लगभग डेढ़ महीने पहले ही इससे निपटने की तैयारी शुरू कर दी थी। बचाव, नियंत्रण और इलाज के लिए 30 जनवरी 2020 से प्रदेश में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मियों का प्रशिक्षण शुरू हो गया था। अब तक 4100 कर्मी प्रशिक्षित किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट के साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर भी स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि नेपाल सीमा पर अब तक 12.28 लाख से अधिक और एयरपोर्ट पर 17048 यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई है। आगरा में विदेशी पर्यटक ज्यादा आते हैं, इसलिए वहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
मुख्यमंत्री ने आरोग्य मेला में शामिल होने वाले डॉक्टरों की टीम को ट्रेनिंग देने के लिए कहा है, जिससे जमीनी स्तर पर लोगों को बचाव की जानकारी दी जा सके। बैठक में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, राज्यमंत्री स्वाति सिंह, सतीश द्विवेदी, कपिल देव अग्रवाल, मुख्य सचिव आरके तिवारी मौजूद रहे।
भीड़ रोकने की एडवाइजरी जारी
प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक जगहों पर भीड़ रोकने के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। सरकार फिलहाल भीड़ इकट्ठा करने वाला कोई भी कार्यक्रम नहीं करेगी। भीड़ इकट्ठा करने के आयोजन न करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में एकीकृत कमांड सेंटर भी बनाया जाएगा। साथ ही अपील की गई है कि लोग कोरोना वायरस से घबराएं नहीं। सावधानियां और सतर्कता बरतते हुए साबुन पानी से बार-बार हाथ धोएं। खांसते-छींकते समय मुंह को रुमाल व कपड़े से जरूर ढकें और इधर-उधर नहीं थूकें।
ओमान व सऊदी अरब से बृहस्पतिवार को राजधानी लखनऊ लौटे तीन यात्रियों में कोरोना के लक्षण मिलने के बाद लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच के लिए सैंपल केजीएमयू भेजा गया है। वहीं, केजीएमयू के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना संक्रमित महिला डॉक्टर की हालत स्थिर है।
कोरोना वायरस के खौफ के बीच देश में पहली मौत की पुष्टि हुई है। कर्नाटक में कलबुर्गी के 76 वर्षीय बुजुर्ग की मौत कोरोना के कारण ही हुई थी। बृहस्पतिवार को आई जांच रिपोर्ट में उसके संक्रमित होने का खुलासा हुआ।
इस बीच, 14 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित मरीजों की संख्या 75 तक पहुंच गई। हरियाणा और दिल्ली सरकार ने एहतियात बरतते हुए इसे महामारी घोषित कर दिया है। दिल्ली के स्कूल, कॉलेज व सिनेमाघर और उत्तराखंड व जम्मू-कश्मीर में सभी स्कूल 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं।
केंद्र सरकार ने राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को महामारी रोग अधिनियम की धारा दो के प्रावधान लागू करने को कहा है। खतरे को देखते हुए भारत ने पूरी दुनिया से अपने को अलग कर लिया है। शुक्रवार शाम 5.30 बजे से सभी देशों का वीजा निरस्त करने का फैसला अमल में आ जाएगा।
केंद्र सरकार ने मंत्रियों के विदेशी दौरों पर भी रोक लगा दी है। नए मामलों में नौ महाराष्ट्र व एक-एक दिल्ली, लद्दाख व आंध्र प्रदेश और 2 यूपी के हैं। केरल में 17, यूपी में 11 व महाराष्ट्र में 11 मरीज आ चुके हैं। 75 में से 17 विदेशी सैलानी हैं। इनमें 16 इतालवी हैं।