प्रदेश के पांच जिलों में जल्द ही 50 बेड के आयुष चिकित्सालय बनेंगे। इसी तरह अयोध्या एवं वाराणसी में आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज खुलेगा। इसके लिए जमीन तलाश ली गई है। जल्द ही इनका शिलान्यास होगा। यह जानकारी आयुष विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रशांत त्रिवेदी ने दी। वह मंगलवार को आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटवा की अध्यक्षता में आयुष मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
एसीएस प्रशांत त्रिवेदी ने बताया कि अयोध्या के रुदौली तहसील और वाराणसी के पिंडरा तहसील में पांच -पांच एकड़ जमीन तलाश ली गई है। इस जमीन पर अधिग्रहण भी कर लिया गया है। इन दोनों जिलों में राजकीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉॅलेज एवं चिकित्सालय बनाया जाएगा। इसी तरह गोरखपुर, हरदोई, संभल, उन्नाव, श्रावस्ती में 50 बेड के एकीकृत आयुष चिकित्सालय के लिए भी जीन मिल गई है। इसका शिलान्यास कराने की तैयारी है।
प्रदेश में 2015- 16 से 2021-22 तक 24 एकीकृत आयुष चिकित्सालय स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें 11 का निर्माण हो चुका है। आयुष विभाग के विशेष सचिव सुखलाल भारती ने बताया कि 871 हेल्थ वेलनेस सेंटर में 500 तैयार हो गए हैं। अन्य पर कार्य चल रहा है। आयुर्वेद निदेशक प्रो एसएन सिंह ने बताया कि 50 बेड के अस्पतालों में आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथिक विधा की सुविधा मिलेगी। यहां पंचकर्म, क्षारसूत्र, रक्तमोक्षण, अग्निकर्म, इलाज बिद तदबीर आदि सुविधा देगी। यह रेफरल चिकित्साल होंगे। समीक्षा बैठक में संयुक्त सचिव डी सेंथिल पंडियन, आयुष मंत्रालय के उप सलाहकार डा. सुरेश कुमार, निदेशक यूनानी डा. मोहम्मद सिकंदर हयात, निदेशक होम्योपैथिक डा. मनोज यादव आदि मौजूद रहे।
छह गुना बढ़ा आयुष औषधियों का कारोबार : कोटेजा
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेजा ने कहा कि आयुष पद्धति के प्रति कोरोना काल में लोगों की रूचि बढ़ी है। एक सर्वे के मुताबिक कोविड काल में 89 फीसदी लोगों ने आयुष चिकित्सा का उपयोग किया, जिसमें 86 फीसदी लाभांवित हुए। फोरम ऑन इंडिया ट्रेडिशन मेडिसिन (एफआईटीएम) के मुताबिक पांच साल में आयुष औषधियों का कारोबार दो बिलियन डॉलर से बढ़कर 18.5 बिलियन डॉलर हो चुका है। इससे आयुष के प्रति लोगों के विश्वास का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में आयुष विधा से जुड़े चिकित्सकों एवं अन्य अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
आयुष चिकित्सालय का किया निरीक्षण
आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेजा ने पूरी टीम के साथ लखनऊ के कल्ली पश्चिम स्थित नवनिर्मित 50 बेड के आयुष चिकित्सालय का निरीक्षण किया। इसके बाद वह राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय चंद्रावल के हेल्थ वेलनेस सेंटर का भी निरीक्षण किया। दोनों जगह की व्यवस्था पर संतोष जताया। निर्देश दिया कि अन्य सेंटरों पर भी इसी तरह की व्यवस्था की जाए।