राजधानी में बढ़ा वायु प्रदूषण लोगों का स्वास्थ्य खराब करने के साथ ही नगर निगम का बजट भी बिगाड़ रहा है। पानी के छिड़काव में लगी गाड़ियों के डीजल पर रोज करीब एक लाख रुपये का खर्च आ रहा है।
ऐसे में दिवाली के बाद से शुरू हुए पानी के छिड़काव पर अब तक दस लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। इसके अलावा तीन लाख लीटर रोजाना के हिसाब से करीब तीस लाख लीटर पानी भी खर्च हुआ है।
नगर निगम की ओर से दस दिनों से पानी का छिड़काव 50 गाड़ियों से किया जा रहा है। इसमें आठ स्मॉग गन और बाकी ट्रैक्टर माउंटेड वॉटर स्प्रिंकल टैैंकर हैं।
इनसे रोज करीब तीन लाख लीटर पानी का छिड़काव दो शिफ्टों में हो रहा है। छिड़काव में सीवेज ट्रीटमेंट से निकलने वाले शोधित पानी का उपयोग किया जा रहा है।
जिसका पैसा तो नहीं लग रहा है मगर डीजल पर रोज करीब एक लाख खर्च करने पड़ रहे हैं। आर्थिक तंगी के कारण ही नगर निगम को डीजल का बकाया भुगतान करने में समस्या आई थी। ऐसे में बढ़ा डीजल खर्च नगर निगम का बजट बिगाड़ रहा है।
शरारती तत्वों ने लगाई झाड़ियों में आग
गोमती नगर इलाके नगर निगम केंद्रीय कार्यशाला के सामने खाली जमीन पर उगी झाड़ियों में मंगलवार शाम शरारती तत्वों ने आग लगा दी। नगर निगम की टीम ने पानी छिड़काव कर आग को बुझाया। नगर आयुक्त ने बताया कि शरारती तत्वों को चिह्नित कर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जोनल अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं।
प्रदूषण फैलाने वालों पर लगा जुर्माना
मंगलवार को भी पानी का छिड़काव स्मॉग गन और वाटर टैंकरों से किया। साथ ही बिना ग्रीन नेट लगाए निर्माण, खुले में मलबा और निर्माण सामग्री डालने वालों से 45 हजार रुपये जुर्माना वसूला। साथ ही करीब 140 टन मलबा भी शहर से उठाया गया।
नगर निगम के प्रयासों का ही नतीजा है कि अभी तक प्रदूषण का स्तर बहुत नहीं बढ़ पाया है। बीते साल इस समय शहर प्रदूषण के लिहाज से दूसरे नंबर पर था। पानी छिड़काव आदि के कार्य पर बजट खर्च हो रहा है, लेकिन उम्मीद है जो उपाय किया जा रहे हैं उससे इस बार बीते साल की स्थिति नहीं आएगी।
- अजय द्विवेदी, नगर आयुक्त