मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने विधानसभा चुनाव-2017 और उसके बाद हुए उप चुनावों में हारी 84 सीटों पर 2022 में कमल खिलाने की कमान संभाल ली है। दोनों नेताओं ने हारी हुई सीटों पर चुनावी बिसात बिछाने के लिए दौरा शुरू कर दिया है।
विधानसभा चुनाव-2017 में भाजपा ने 384 सीटों पर चुनाव लड़कर 312 सीटें जीती थी और 72 सीटें हारी थी। उसके बाद हुए उप चुनाव में भाजपा ने चार सीटें हारीं। सुभासपा से गठबंधन टूटने के बाद पार्टी ने 2017 में उन्हें दी गई आठ सीटों को भी हारी हुई सीटों की संख्या में शामिल कर लिया। इस तरह प्रदेश में 84 सीटें ऐसी हैं जहां भाजपा या सहयोगी अपना दल के विधायक नहीं हैं।
पार्टी ने 2022 में इन सीटों पर जीत के लिए एक साल पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। इन सीटों पर पार्टी के दिग्गज नेताओं, राज्यसभा सदस्यों, निगम, बोर्ड के अध्यक्षों और विधान परिषद सदस्यों को प्रभारी बनाया है। इन विधानसभा क्षेत्र के प्रभारियों ने विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के फार्मूले के अनुसार दौरा कर अपना फीडबैक पार्टी को दिया है।
प्रदेश सरकार और संगठन ने उस फीडबैक के अनुसार पहले चरण में इन सीटों पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री इन सीटों पर जाकर वहां की आवश्यकता के अनुसार विकास परियोजनाओं का शिलान्यास कर रहे हैं। वहीं इस अवसर पर आयोजित सभा को मुख्यमंत्री और पार्टी अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह भी संबोधित कर रहे हैं। योगी और स्वतंत्र देव बुधवार को बाराबंकी के सदर, सीतापुर के सिधौली विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे। वहीं बृहस्पतिवार को कानपुर नगर की आर्य नगर और उन्नाव पूर्वा विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे।