भाजपा के वरिष्ठ नेता हृदय नारायण दीक्षित को विधानसभा अध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी दी गई। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में उनकी तारीफ की साथ ही शुभकामना भी दी। सीएम ने सदन के सदस्यों की तरफ से नए विधानसभा स्पीकर का स्वागत भी किया।
दीक्षित ने बुधवार को यहां विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दूबे के पास सात सेटों में नामांकन पत्र दाखिल किया था।
सत्तारूढ़ भाजपा के अलावा विपक्ष के दलों ने भी दीक्षित का समर्थन किया और अपने समर्थन से भी नामांकन पत्र दाखिल कराए थे। दीक्षित का नामांकन दाखिल कराने वालों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा कई कैबिनेट मंत्री और सभी राजनीतिक दलों के नेता शामिल थे।
संसदीय कार्यमंत्री मंत्री सुरेश खन्ना, विधानसभा में नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक व मंत्री ओमप्रकाश राजभर, बसपा विधायक दल के नेतालालजी वर्मा, अपना दल के विधायक राकेश कुमार वर्मा, कांग्रेस की विधायक आराधना मिश्रा और निर्दलीय रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने हृदय नारायण दीक्षित के नाम का प्रस्ताव किया था।
कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कैलाशनाथ सोनकर, बसपा के विधायक सुखदेव राजभर, अपना दल की विधायक लीना तिवारी, कांग्रेस के विधायक अजय कुमार उर्फ लल्लू और निर्दल विधायक विनोद कुमार ने दीक्षित के नाम का समर्थन किया।
बता दें कि दीक्षित को उन्नाव की भगवंतनगर सीट से विधायक चुना गया है। विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने वाले हृदयनारायण दीक्षित के जीवन का सफर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा।