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सीएम योगी ने किया नए विस अध्यक्ष का स्वागत, जानें पत्रकार से स्पीकर तक का सफर

Thu, 30 Mar 2017 02:57 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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हृदय नारायण दीक्ष‌ित
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भाजपा के वरिष्ठ नेता हृदय नारायण दीक्षित को विधानसभा अध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी दी गई। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में उनकी तारीफ की साथ ही शुभकामना भी दी। सीएम ने सदन के सदस्यों की तरफ से नए ‌व‌िधानसभा स्पीकर का स्वागत भी क‌िया।
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दीक्षित ने बुधवार को यहां विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप दूबे के पास सात सेटों में नामांकन पत्र दाखिल किया था। 

सत्तारूढ़ भाजपा के अलावा विपक्ष के दलों ने भी दीक्षित का समर्थन किया और अपने समर्थन से भी नामांकन पत्र दाखिल कराए थे।  दीक्षित का नामांकन दाखिल कराने वालों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा कई कैबिनेट मंत्री और सभी राजनीतिक दलों के नेता शामिल थे। 

संसदीय कार्यमंत्री मंत्री सुरेश खन्ना, विधानसभा में नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के विधायक व मंत्री ओमप्रकाश राजभर, बसपा विधायक दल के नेतालालजी वर्मा, अपना दल के विधायक राकेश कुमार वर्मा, कांग्रेस की विधायक आराधना मिश्रा और निर्दलीय रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने हृदय नारायण दीक्षित के नाम का प्रस्ताव किया था। 
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कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कैलाशनाथ सोनकर, बसपा के विधायक सुखदेव राजभर, अपना दल की विधायक लीना तिवारी, कांग्रेस के विधायक अजय कुमार उर्फ लल्लू और निर्दल विधायक विनोद कुमार ने दीक्षित के नाम का समर्थन किया। 

बता दें क‌ि दीक्ष‌ित को उन्नाव की भगवंतनगर सीट से विधायक चुना गया है। विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने वाले हृदयनारायण दीक्षित के जीवन का सफर काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा। 
 

नए स्पीकर की योगी ने की तारीफ
उन्होंने शुरुआती दिनों में जनसमस्याओं को लेकर अपने गृहजिले उन्नाव में कई आंदोलन किए। इसको लेकर लंबे समय तक स्थानीय प्रशासन से उनकी तनातनी भी रहा करती थी। 

संघर्ष से जीवन का सफर शुरू करके अब विधानसभा के सर्वोच्च आसन तक पहुंचे दीक्षित नेता होने केे साथ पत्रकार और लेखक भी हैं। वेद और भारतीय संस्कृति का गहरा अध्ययन करने वाले दीक्षित की इन विषयों पर 22 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।

मूल रूप से उन्नाव के लउवा ग्राम के सामान्य परिवार में जन्मे दीक्षित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि वाले हैं लेकिन समाजवादी तेवर होने के नाते बीच में वे कुछ वर्षों तक मुलायम सिंह यादव केे साथ भी रहे। 

आपातकाल में 19 महीने जेल में गुजारने वाले दीक्षित 1972 में उन्नाव जिला परिषद के सदस्य भी रहे। इलाके के बच्चों की शिक्षा के लिए उन्होंने कुछ स्कूल व दो कॉलेजों की स्थापना भी कराई। कई समाचार पत्रों के नियमित स्तंभकार दीक्षित पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। वे विधान परिषद के सदस्य भी रहे। विधान परिषद में पार्टी के नेता की भूमिका भी उन्होंने निभाई।

 
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कई जिम्मेदारियों का किया निर्वाह

हृदय नारायण दीक्ष‌ित
प्रदेश सरकार में संसदीय कार्यमंत्री और पंचायती राजमंत्री रह चुके दीक्षित भाजपा के उन्नाव जिले के अध्यक्ष, फिर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य, मुख्य प्रवक्ता और पार्टी के अन्य कई मोर्चा व प्रकोष्ठों में भी अलग-अलग पदों की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। 

वे राज्य विधानमंडल की प्राक्कलन समिति के सभापति और सार्वजनिक उपक्रम समिति के सभापति भी रह चुके हैं। दीक्षित ने लंबे समय तक अखबार निकालकर भी आम लोगों की दुश्वारियों को आवाज दी। 

उन्हें मध्य प्रदेश सरकार का गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान सहित भानु प्रताप शुक्ल पत्रकारिता सम्मान, दीनदयाल उपाध्याय सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं। 
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