पत्रकारों से बातचीत करते उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
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उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अयोध्या 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को पर्यटन, रोजगार और व्यापार के लिहाज से भी उपयोगी बनाया जाएगा। इसे राष्ट्रीय राजमार्ग-227 बी के नाम से जाना जाएगा। 275 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का संरेखण 45 मीटर चौड़ा होगा, पर वाहनों के लिए यह मार्ग फोर लेन का बनेगा। मौर्य 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के संबंध में लोक निर्माण विभाग मुख्यालय पर स्थित कमांड सेंटर में उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
बैठक में अयोध्या, अंबेडकरनगर, गोंडा, बाराबंकी और बस्ती के सांसदों, विधायकों और जिलाधिकारियों से सुझाव भी लिए गए। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का विभाग की ओर से प्रस्तुतिकरण भी दिया गया। मौर्य ने कहा कि परिक्रमा मार्ग में पड़ने वाले सभी 5 जिलों में एक-एक नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। वहीं, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह हाल्ट भी बनाए जाएंगे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मार्ग के किनारे रामायणकालीन पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही उस समय की घटनाओं का मनोहारी चित्रण किया जाएगा। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मार्ग के किनारे कोई अतिक्रमण न होने पाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर विशेष ध्यान दिया जाए। ड्रोन के माध्यम से रेखांकन इस माह के अंत तक जरूर करा लिया जाए। जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की कार्यवाही तेजी से की जाए।
अक्तूबर में इसके शिलान्यास कराए जाने की तैयारी की जाए। यूटिलिटी शिफ्टिंग का काम भी किया जाए। इस परिक्रमा मार्ग पर 5 जिलों की 112 ग्राम सभाएं आ रही हैं। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग बस्ती जिले के मखौड़ा ग्राम से शुरू होगी। इसके रास्ते पर पड़ने वाले धार्मिक स्थलों को लिंक मार्ग से जोड़ा जाएगा। बैठक में कैबिनेट मंत्री रमापति शास्त्री, राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी नितिन रमेश गोकर्ण सचिव लोक निर्माण विभाग भी मौजूद रहे।