पुरानी पेंशन विसंगति समाधान संघर्ष मोर्चा की केन्द्रीय बैठक में रविवार को मोर्चा का विस्तार किया गया। इसमें सात प्रदेश संयोजक व पांच सहसंयोजक बनाए गए। बैठक में केंद्र के मेमोरेंडम के क्रम में चयनित शिक्षकों/ कर्मचारियों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार में भी पुरानी पेंशन देने की मांग की गई। साथ ही इसके लिए प्रदेशव्यापी आन्दोलन खड़ा करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में तारकेश्वर शाही, विनय कुमार सिंह, सुभाष कन्नौजिया, डा. महेंद्र राय, पवन राय, मनोज राय, नीरज तिवारी को संयोजक तथा प्रशांत बाजपेई, सुधीर कुमार, त्रिपुरारी दूबे, चिंतामणि पाण्डेय, नृपेन्द्र शुक्ल को सहसंयोजक बनाया गया। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि मेमोरेंडम जारी कराने के लिए जिलों में संघर्ष मोर्चा का गठन करते हुए राजधानी लखनऊ में एक बड़ी रैली की जाएगी। बैठक में ज्ञान प्रकाश सचान, संजीव कुमार निगम, संतोष गुप्ता, ज्ञानेंद्र शंकर त्रिपाठी, अजय कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह, सुभाष यादव, विनोद मिश्रा, पवन शुक्ल आदि शामिल रहे।
पेंशनर 25 को पीएम के वाराणसी कार्यालय में देंगे ज्ञापन
ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति प्रधानमंत्री को पेंशनरों से किया गया वायदा याद दिलाने के लिए 25 सितंबर को उनके संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सभा करेगी। इसके बाद उनके वाराणसी कार्यालय में ज्ञापन देगी। पीएम ने पूर्व में न्यूनतम वेतन में बढ़ोत्तरी का आश्वासन दिया था।
वाराणसी में होने वाली सभा में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत और राष्ट्रीय महासचिव वीरेंद्र सिंह रजावत शिरकत करेंगे। साथ ही प्रदेश के प्रान्तीय पदाधिकारी व ईपीएस-95 पेंशनर भी बड़ी संख्या में इसमें शामिल होंगे। समिति के कार्यकारी अध्यक्ष चंद्रभान सिंह ने बताया कि सभा के बाद पेंशनर प्रधानमंत्री के वाराणसी स्थित कार्यालय में जाकर ज्ञापन देंगें, जिसमें दो साल पूर्व उनके द्वारा पेंशनरों से किया गया वायदा याद दिलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अभी तक उनके वायदे पर कार्रवाई न होने से काफी कम पेंशन में देश भर के 75 लाख पेंशनर आर्थिक बदहाली में गुजर बसर कर रहे हैं। इसलिए तत्काल न्यूनतम पेंशन बढ़ाने का निर्णय करना चाहिए। सरकार की उदासीनता को देखते हुए संगठन अगले महीने देश भर में बड़े आन्दोलन की तैयारी कर रही है।