इस मामले में सीएम ने की थी सख्ती।
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प्रांतीय पुलिस सेवा के 37 प्रतिशत अधिकारियों ने अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा शासन को नहीं दिया है। इन अधिकारियों के लिए ''स्पैरो'' पर संपत्ति का ब्योरा देने के लिए सॉफ्टवेयर विकसित होना है। इसलिए उन्हें ऑफलाइन ही 7 सितंबर तक ब्योरा देने के निर्देश दिए गए थे। शासन के सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश के कुल 1021 पीपीएस अधिकारियों में से 648 ने ही अभी तक संपत्ति की घोषणा की है।