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यूपी मिशन पर अमित शाह: लखनऊ में बोले- 2024 में मोदी को फिर प्रधानमंत्री बनाने के लिए 2022 में योगी जरूरी

Fri, 29 Oct 2021 08:27 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

अमित शाह प्रदेश में भाजपा के चार करोड़ सदस्य बनाने के लक्ष्य के साथ सदस्यता अभियान की शुरुआत की और लोगों से अपील की है कि भाजपा को 2022 में जिताएं तो हमें इसे नंबर एक प्रदेश बना देंगे।
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लखनऊ डिफेंस एक्सपो मैदान में अमित शाह को फूलों का गुलदस्ता देकर सम्मानित करते सीएम योगी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा चुनाव के लिए ‘फिर एक बार भाजपा 300 पार’ का नारा देते हुए कहा कि 2024 में मोदी को पीएम बनाने के लिए 2022 में योगी का सीएम बनना जरूरी है। योगी सरकार की पीठ थपथपाते हुए शाह ने सपा, बसपा और कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। कहा कि इनकी सरकारों ने यूपी को बर्बाद कर दिया। सपा-बसपा शासनकाल में हर जिले में दो-तीन माफिया-बाहुबली हुआ करते थे लेकिन 2017 में आई योगी आदित्यनाथ सरकार ने ऐसा काम किया कि आज दूरबीन से देखने पर भी यहां माफिया नहीं दिखते।

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राजधानी में शुक्त्रस्वार को भाजपा के वृहद सदस्यता अभियान ‘मेरा परिवार-भाजपा परिवार’ का शुभारंभ किया। वृंदावन योजना स्थित डिफेंस एक्सपो ग्राउंड पर कार्यकर्ताओं के हुजूम को संबोधित करते हुए शाह ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर जहां जमकर हमला बोला वहीं तथ्य और तर्क  के साथ योगी सरकार की खूब तारीफ की उन्होंने कहा कि यूपी ने सपा, बसपा व कांग्रेस के बाद अब भाजपा का शासन भी देखा है। मुगलों का राज खत्म होने के बाद भी यूपी को बहुत वर्षों तक यह एहसास नहीं होता था कि यह बाबा विश्वनाथ, भगवान राम, गौतम बुद्ध, जैन संतों और महामना मालवीय की भूमि है। इसका एहसास 2017 में हुआ जब भाजपा की सरकार आई। योगी सरकार ने यूपी को उसकी असल पहचान वापस दिलाई।

अखिलेश पर निशाना
अमित शाह ने कहा कि भाजपा हर चुनाव में राम मंदिर और कश्मीर से 370 के खात्मे का संकल्प लेती थी। जनता को भी इंतज़ार था कि यह दोनों सपने कब पूरे होंगे? अखिलेश एंड कंपनी हम पर तंज करती थी कि मंदिर वहीं बनाएंगे, तारीख नहीं बताएंगे, लेकिन परिवर्तन हुआ और सपा की सरकार में जिस जगह रामभक्तों को गोलियों से भूना गया था आज वहां गगनचुंबी मंदिर बन रहा है।
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शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि अखिलेश जी तो राम मंदिर के लिए 5000 रुपये देने से भी चूक गए। हमने कश्मीर से 370 और 35ए को उखाड़ फेंका। जब कोरोना आया, बाढ़ आई तो अखिलेश एंड कंपनी घर में छुपी हुई थी। आज चुनाव नजदीक देख नए बरसाती मेंढक की तरह यह चुनावी मेंढक निकल पड़े हैं। शाह ने अखिलेश से सवाल किया कि वो 5 साल में कितने दिन विदेश में रहे? कोरोना और बाढ़ में अखिलेश कहां थे?

सपा-बसपा के गड्ढे पाटने में लग रहा समय
शाह ने कोरोना से लड़ाई में योगी सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की कोशिशों ने लोगों का जीवन बचाया। आज टेस्ट हो या टीका, दोनों में यूपी नंबर एक है। अखिलेश राज में जो यूपी देश की सातवें नंबर की अर्थव्यवस्था थी, आज योगी के नेतृत्व में दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था है। 2017 में यहां 12 मेडिकल कॉलेज थे आज 30 मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं और 2022 से पहले 40 हो जाएंगे। 2017 में हमारे सामने इतना बड़ा गड्ढा छोड़कर दिया गया था कि उसे भरना मुश्किल था। योगी सरकार ने बहुत कुछ किया पर अभी भी बहुत कुछ करना बाक़ी है। हम फिर से घोषणापत्र लाएंगे और उसे भी पूरा करके दिखाएंगे।

2017 लोककल्याण संकल्पपत्र का 90 फीसदी वादा पूरा
मिशन यूपी की औपचारिक शुरुआत करते हुए अमित शाह ने कहा कि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में अगर नरेंद्र मोदी के दो बार पूर्ण बहुमत की सरकार बना पाए तो इसका पूरा श्रेय यूपी की जनता को जाता है। कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए शाह ने कहा कि 2014 में प्रदेश प्रभारी और 2017 और 2019 में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में वह गली-गली घूमे हैं। अन्य दलों के लिए चुनाव सत्ता हथियाने का ज़रिया है जबकि हमारे लिए चुनाव अपनी विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने और दल का विस्तार करने का जरिया होता है।

पार्टी कार्यकर्ता घर-घर जाकर ‘मेरा परिवार-भाजपा परिवार’ का स्टीकर लगाने के साथ उनका हालचाल भी पूछें और सरकार की उपलब्धियां बताएं। भाजपा का घोषणापत्र किसी सर्वे एजेंसी नहीं बल्कि घर घर घूमने वाले कार्यकर्ता की रिपोर्ट से बनाया जाता है। उन्होंने दावा किया कि 2017 के चुनाव में घोषित लोककल्याण संकल्प पत्र के 90 फीसदी वादे पूरे किए गए हैं। दो महीने बाक़ी हैं। कोशिश रहेगी शत-प्रतिशत वादे पूरे हों। भाजपा का सदस्यता 29 अक्तूबर से 31 दिसंबर तक चलाया जाएगा।

शाह ने अखिलेश यादव से मांगा हिसाब, पूछा पांच साल में कितने दिन विदेश में रहे

लखनऊ डिफेंस एक्सपो मैदान में भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सदस्या अभियान का शुभारंभ करते अमित शाह - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए उनसे पांच साल का हिसाब मांगा। शाह ने कहा कि अखिलेश यादव को प्रदेश की जनता को इसका हिसाब देना चाहिए कि वह पिछले पांच साल में कितने दिन विदेश में रहे, प्रदेश में जब कोरोना महामारी और बाढ़ आई तब वह कहां थे। बताएं कि पांच साल में कितने दिन विदेश में रहे। शाह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पीठ थपथपाते हुए प्रदेश सरकार की पांच वर्ष की प्रमुख उपलब्धियां प्रस्तुत करते हुए कहा कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश को अपनी पहचान वापस दिलाने और उत्तर प्रदेश को देश का सबसे प्रमुख राज्य बनने की दिशा में बहुत आगे ले जाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने यह सिद्ध किया है कि सरकार परिवार के लिए नहीं बल्कि सूबे के सबसे गरीब व्यक्ति के लिए होती है।

भाजपा के शक्ति केंद्र प्रभारी और संयोजक सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही पांच साल तक घर में बैठे लोग नए कपड़े पहनकर बाहर आ गए है। उन्होंने कहा कि चुनावी मेंढक यह सोचकर बाहर आएं कि उनकी सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि सपा बसपा ने स्वयं के लिए, स्वयं के परिवार और अधिक से अधिक अपनी जाति के लिए शासन किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और दोनों उप मुख्यमंत्री से पांच साल का हिसाब मांग सकती है। लेकिन वह खुद अखिलेश यादव से हिसाब मांगते है।

शाह ने कहा कि अखिलेश एंड कंपनी, बहन मायावती, गांधी-वाड्रा परिवार के लोग भी सुने इसलिए वे योगी सरकार के पांच साल का हिसाब प्रस्तुत कर रहे है। उन्होंने कहा कि 2017 में जब भाजपा को शासन मिला तब यूपी देश में सातवें नंबर की अर्थव्यवस्था थी। भाजपा सरकार के साढ़े चार साल में दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बन गई है। यूपी की अर्थव्यवस्था 10 लाख करोड़ से बढ़कर 21 लाख 31  हजार करोड़ की गई है। उन्होंने कहा कि ईज ऑफ डूइंग में प्रदेश में 14वें से दूसरे स्थान पर यूपी है। प्रदेश में बेरोजगारी की दर 18 से घटकर 4.1 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि पहले यूपी में 12 मेडिकल कॉलेज थे, अब 30 बन गए है,  2022 के पहले 40 मेडिकल कॉलेज का वादा पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश से हर साल 1500 डाक्टर बनते थे अब चार हजार बनेंगे। दिगामी बुखार पर कमी आई है, धान की खरीद 17 हजार करोड़ से बढ़कर 38 हजार करोड़ की धान खरीद हुई है। गेहूं की खरीद 12 हजार करोड़ से बढ़कर 36 हजार करोड़ हो गई, है। प्रदेश में पांच नए हवाई अड्डे और चार नए एक्सप्रेस-वे बन रहे है। उन्होंने कहा कि महामारी कोरोना कम समय सभी को चिंता थी कि यूपी का क्या होगा। लेकिन योगी आदित्यनाथ ने बेहतर कोरोना प्रबंधन कर लोगों का जीवन बचाया। प्रदेश में सबसे अधिक टेस्ट, वैक्शीनेशन  हुए है और आक्सीजन प्लांट भी लगे है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सबसे बड़ा काम माफिया से मुक्ति दिलाने का काम किया है। प्रदेश में अपराधों में कमी आई है। बिना किसी भेदभाव, भ्रष्टाचार और परिवारवाद के पुलिस में 1.43 लाख भर्तियां की गई है।  युवा की बेहतर शिक्षा की व्यवस्था कर  नई पीढ़ी तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि यह तब ही संभव है भाजपा ने परिवार या जाति को छोड़कर प्रदेश की जनता को अपना परिवार मानकर काम किया है। उन्होंने कहा कि योगी ने  हर गरीब, युवा, किसान, महिला, दलित और पिछड़े के लिए सरकार चलाई है। उन्होंने कहा कि यही फर्क है परिवारवादी पार्टी और भाजपा के बीच है।

पश्चिम को भी साधा
गृहमंत्री अमित शाह ने मेरठ की बेटियों की शिक्षा और पश्चिमी यूपी के जिलों से हुए पालयन के जरिये ना केवल सपा-बसपा पर हमला बोला बल्कि योगी सरकार में पश्चिमी यूपी के हालात में हुए सुधार के जरिये जाटलैड को साधने का भी प्रयास किया। शाह ने कहा कि  उत्तर प्रदेश में पिछले कई साल तक सत्ता में सपा-बसपा के खेल ने यूपी को बर्बाद कर दिया था। उन्होंने कहा कि सपा शासन में यूपी की कानून व्यवस्था की स्थिति देखकर खून खौलता था। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कैराना से पलायन शुरू हुआ था तब भी लखनऊ में हुक्मरानों की नींद नहीं टूटी थी। उन्होंने कहा कि मेरठ में विश्वविद्यालय होते हुए भी वहां की बेटियां दिल्ली में कमरा लेकर पढ़ती थी। उन्होंने कहा कि लेकिन योगी सरकार में अब किसी की हिम्मत नहीं है। अब पलायन कराने वाले खुद पलायन कर रहे हैं और पहले जहां हर जिले में तीन-चार बाहुबली होते थे अब दूरबीन लेकर तलाशने से भी नहीं मिल रहे है। उन्होंने कहा कि अब बहन बेटी रात को 12 बजे भी यूपी की सड़क पर बेखौफ निकल सकती है।  

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एजेंडे को भी धार दी
अमित शाह ने धार्मिक और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार देते हुए वोट बैंक को साधने की कोशिश की। शाह ने कहा कि पहले किसी को कल्पना नहीं थी कि अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनेगा। कहा कि अखिलेश एंड कंपनी पहले ताना मारते थे कि मंदिर वहीं बनाएंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे। उन्होंने कहा कि 2019 में दो तिहाई बहुमत से सरकार बनी तो अयोध्या में राम मंदिर का भूमिपूजन भी हुआ और अब भव्य रामंदिर भी बनते जनता देख रही है। लेकिन अखिलेश यादव तो मंदिर निर्माण में पांच हजार रुपये का सहयोग देने से भी चूक गए। शाह ने कहा कि सपा की सरकार ने निर्दोष रामभक्तों को गोलियों से भूना था, आज उसी यूपी में राममंदिर बन रहा है।

2017 के बाद अहसास हुआ यूपी राम और कृष्ण की जन्मभूमि है
अमित शाह ने कहा कि मुगलों के शासन से लेकर 2017 तक यूपी में अहसास नहीं हुआ था कि यूपी बाबा विश्वनाथ की भूमि है, भगवान राम और कृष्ण की जन्म और कर्मस्थली है, बौध की निर्वाण स्थली है, संतकबीर की भूमि है। लेकिन 2017 में प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद जनता को यह अहसास हुआ कि यूपी राम, कृष्ण और बाबा विश्वनाथ की भूमि है।
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भाजपा के लिए सत्ता हथियाने का जरिया नहीं है चुनाव

लखनऊ डिफेंस एक्सपो मैदान में अमित शाह और सीएम योगी को फूलों की माला पहनाकर सम्मानित करते भाजपा के वरिष्ठ नेता - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्षी दलों के लिए चुनाव सत्ता हथियाने का जरिया है जबकि भाजपा के लिए चुनाव लोकतंत्र के महोत्सव, लोक संपर्क का जरिया है। उन्होंने कहा कि यही  वजह है कि भाजपा चुनाव से पहले सदस्यता अभियान की शुरुआत कर रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि 86 लाख कार्यकर्ता दीपावली पर घर-घर जाकर मेरा परिवार-भाजपा परिवार की पट्टिका और तोरण द्वार लगाकर आएंगे। साथ ही मोदी-योगी सरकार की उपलब्धियों को घर-घर बताएंगे।

....तो परिवार नियोजन का नियम तोड़ते है
अमित शाह ने कहा कि सदस्यता अभियान पार्टी का विस्तार करने का जरिया है। उन्होंने कहा कि वैसे तो हम परिवार नियोजन में तो विश्वास रखते है कि लेकिन जब भाजपा की बात आती है तो हम यह नियम तोड़ देते है। भाजपा के ज्यादा से ज्यादा सदस्य होने चाहिए और सदस्यता अभियान के जरिये ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ना है।

शाह ने कहा कि 2014, 2017 और 2019 चुनाव से पहले भाजपा ने सदस्यता अभियान चलाया था। उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव अभियान का श्रीगणेश सदस्यता अभियान से किया जा जा रहा है। उन्होंने कहा कि 29 अक्तूबर से दिसंबर तक चलने वाले सदस्यता अभियान में अधिक से अधिक युवाओं महिलाओं, गरीबों, दलितों और पिछड़ों को पार्टी के साथ जोड़ा जाएगा और पुराने कार्यकर्ता को सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरा परिवार भाजपा परिवार अभियान एक क्रांति और चेतना के रूप में चलेगा।

जनता के फीडबैक से तैयार होगा घोषणा पत्र
अमित शाह ने कहा कि सदस्यता अभियान और मेरा परिवार-भाजपा परिवार अभियान के तहत कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से मिलकर बात करेंगे। कार्यकर्ता जो फीडबैक लेकर आएंगे उसके आधार पर चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान और स्वतंत्र देव घोषणा पत्र तैयार तैयार  करेंगे। शाह ने कहा कि भाजपा में घोषणा पत्र कोई एनजीओ या एजेंसी नहीं बनाती बल्कि जनसंपर्क कर जनता की इच्छा को जानकर तैयार किया जाता है।

...ताकि जनता भी माने कि भाजपा जो कहती है वह करती है
शाह ने कहा कि योगी सरकार ने 2017 में लोक कल्याण संकल्प पत्र में 90 प्रतिशत से ज्यादा वादे पूरे किए है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से कहा कि दो महीने में शेष वादे भी पूरे करा दीजिए ताकि जनता भी मान जाए कि भाजपा जो कहती है वह करती है।

 हर बार यूपी की जनता ने दिया आशीर्वाद
अमित शाह ने कहा कि 2014 में यूपी के प्रभारी, 2017 और 2019 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उन्होंने प्रदेश की जनता के आगे झोली फैलाकर आशीर्वाद मांगा था। यूपी की जनता ने भी भगवान शंकर की तरह कृपा कर दो बार देश और एक बार प्रदेश में प्रचंड बहुमत से भाजपा की सरकार बनाई। उन्होंने कहा कि मोदी को दो बार प्रधानमंत्री बनाने का श्रेय यूपी की जनता को है। वहीं मोदी को जितना प्रदेश की जनता देती है वे भी प्रदेश को तीन गुना देते है।

 
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