उमा भारती ने कहा कि राममंदिर आंदोलन में वासुदेव गुप्ता, शरद कोठारी जैसे लाखों ज्ञात-अज्ञात लोगों के बलिदान, अशोक सिंहल जैसे लोगों की तपस्या अब राममंदिर की प्रतीक्षा कर रही है। मोदी और योगी को अब कोई साहसिक निर्णय लेना चाहिए। यह रामजन्मभूमि है, जो प्रमाणित हो चुका है। साजिश को लेकर केस चल रहा है, उसमें मुझे भी अपराधी माना गया है जो भी निर्णय आएगा, उसे मैं स्वीकार करूंगी।
एक सवाल के जवाब में ओवैशी को निशाने पर लेते हुए कहा कि मुस्लिम भारत में सर माथे पर बैठाए गए हैं। सम्मान व अधिकार दिए हैं। बराबरी से भी ज्यादा हक देते हैं। जो भारत में उनके असुरक्षित होने की बात करते हैं वे सच्चाई की अनदेखी कर रहे हैं।
सरयू में किया दीपदान, मंदिरों में दर्शन-पूजन
केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने मंगलवार सुबह सरयू स्नान कर 81 दीपक का दीपदान किया। उन्होंने कहा कि महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज 80 वर्ष के हो गए हैं। इसलिए 80 दीपक जलाए, 81 वां दीपक जलाकर सरयू में छोड़ आई ताकि उनका जीवन प्रकाश से भरपूर रहे, वह दीर्घायु हों। उन्होंने रामलला, कनकभवन, नागेश्वरनाथ व हनुमानगढ़ी के दरबार में भी माथा टेककर दर्शन-पूजन किया।