मलिहाबाद में जहरीली शराब पीने के बाद बीमार हुए दो और मरीजों की दुनिया में हमेशा के लिए अंधेरा छा गया। इन्हें मिलाकर अब तक सात मरीजों की आंखों की रोशनी गंवा चुके हैं। ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों की परेशानी बढ़ती जा रही है। वेंटिलेटर पर रखे तीन मरीजों में से दो की हालत नाजुक बनी हुई है।
मलिहाबाद के शराब पीड़ितों की जिंदगी समय के साथ दुश्वार होती जा रही है। ट्रॉमा में अब भी 14 मरीजों का इलाज चल रहा है। लोहिया अस्पताल में भर्ती कराए गए अटौरा के जयकरन शर्मा (28) को चार दिन बाद हालत सुधरने पर छुट्टी दे दी गई थी। शुक्रवार को उसे अचानक धुंधला दिखने लगा।
आनन-फानन में ट्रॉमा लाए जाने पर डॉक्टरों ने आपदा प्रबंधन वार्ड में भर्ती कर लिया। जयकरन कहता है कि अब उसे बिल्कुल नहीं दिख रहा। पिता हरीलाल बेटे की हालत देख सुध-बुध खो चुके हैं। वहीं, तिवारीलाल (40) की दाहिनी आंख से दिखाई देना पूरी तरह बंद हो गया है जबकि बाईं आंख से धुंधला दिख रहा है।
कनार का रहने वाला राजू (38) वेंटिलेटर पर है और उसे भी धुंधला दिख रहा है। साफ न दिख पाने की बेचैनी ऐसी है कि वह अपनी अंगुलियां तक चबाने लगता है। पत्नी गीता को यही चिंता सताए जा रही है कि परिवार का गुजर बसर कैसे होगा।