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मुख्तार के करीबी प्रॉपर्टी डीलर शकील हैदर पर दो और केस दर्ज

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लखनऊ। बांदा जेल में बंद माफिया व पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी प्रॉपर्टी डीलर शकील हैदर पर दो और केस दर्ज हुए हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि शकील ने उनसे 76 लाख रुपये लिए और फिर बैंक में बंधक रखी गई संपत्ति को बेच दिया। इसका पता बैंक द्वारा नोटिस देने के बाद पता चला। पीड़ितों ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं शकील के खिलाफ अब तक ठाकुरगंज व वजीरगंज थाने में करीब दो दर्जन से अधिक केस दर्ज हो चुके हैं। फिलहाल वह जेल में हैं।
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एसीपी चौक आईपी सिंह के मुताबिक, हरदोई के कनौरा निवासी सुनील कुमार और डाडा बनी के जगमोहन ने तहरीर देकर आरोप लगाया कि उन्होंने बरावनकला में एक जमीन खरीदी जिस पर मकान भी बना लिया। सुनील के मुताबिक, यह जमीन उन्होंने दारा नवाब रोड पत्थर वाली मस्जिद के पास शीश महल हुसैनाबाद निवासी शकील हैदर से खरीदी थी। इस जमीन को रईस अहमद और तीन चार अन्य लोगों ने मिलकर बेची थी। प्रॉपर्टी डीलर ने उनसे छह लाख रुपये लिये थे। जमीन के सारे दस्तावेज दिए जिस पर सभी विभागों के अनापत्ति प्रमाण पत्र लगे थे। लेकिन यह संपत्ति पंजाब नेशनल बैंक में बंधक रखी गई थी। इसके बदले में शकील हैदर ने 36.53 करोड़ का लोन कराया था। उसने बैंक की रकम हड़प ली। वहीं बंधक रखी गई जमीनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दिए। बैंक ने अपनी रकम की वसूली के लिए सुनील के प्लाट पर नोटिस चस्पा की। जब इसकी जानकारी हुई तो शकील व उसकेसाथियों से पूछताछ की गई तो जान से मारने की धमक ी दी गई। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस में शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
60 लाख लगाकर हुए बेघर
प्रभारी निरीक्षक ठाकुरगंज हरिशंकर चंद के मुताबिक हरदोई के डाडा बनी निवासी जगमोहन ने भी शकील हैदर, केशन, इरशाद अली और शौकत पर मुकदमा दर्ज कराया है। जगमोहन के मुताबिक उन्होंने शकील हैदर से एक हजार वर्गफीट जमीन 25 लाख रुपये में खरीदा। इसके बाद 35 लाख रुपये खर्च कर रहने के लिए मकान बनवाया। कुछ दिन पहले अचानक उनके दरवाजे पर बैंक ने नोटिस चस्पा कर संपत्ति जब्त करने की बात कही। पीड़ित का आरोप है कि जमीन लेने के समय सारे दस्तावेज सही मिले थे। वहीं सभी विभागों की अनापत्ति प्रमाण पत्र भी लगाए गये थे। लेकिन कुछ दिन पहले ही पता चला कि जो जमीन शकील हैदर ने उनको बेची है। वह पंजाब नेशनल बैंक (पूर्व यूनाईटेड बैंक ऑफ इंडिया) में गिरवी रखी है। इसकी जानकारी होने पर शकील से संपर्क कर रुपये वापस मांगे तो शकील व उसके साथियों ने उनको मारापीटा, गालियां दी और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया। पीड़ित ने पुलिस पर मदद न करने का आरोप लगाया। जिसके बाद कोर्ट में अर्जी डाली। प्रभारी निरीक्षक हरिशंकर चंद के मुताबिक कोर्ट के आदेश पर रविवार को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
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सपा की सरकार बनने पर देखने की धमकी दे रहे थे शकील की मददगार
पुलिस के मुताबिक, शकील हैदर को वजीरगंज थाने से अगस्त में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उसके खिलाफ करीब दो दर्जन से अधिक मुकदमें हो चुक हैं। जिनमें से कई में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। वहीं शकील के खिलाफ करीब 35 से 40 लोगों ने और शिकायत की है। जिसकी जांच की जा रही है। इसकी जानकारी होने पर शकील हैदर के करीबी सफेदपोश पुलिस पर लगातार दबाव बना रहे है कि मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही जो मुकदमे दर्ज हैं उनकी विवेचना की रफ्तार धीमी कर दी जाए। चार्जशीट दाखिल करने में भी तेजी न हो। लेकिन पुलिस ने जब दबाव नहीं माना तो कई बड़े नेताओं से धमकी भी दिलाई गई। इसमें सपा सरकार में कद्दावर मंत्री रहे व पूर्वांचल की राजनीति में अच्छी दखल रखने वाले नेता ने भी पुलिसकर्मियों को कॉल कर धमकी दी। यहां तक कहा गया कि सपा की सरकार बनते इस मामले में जो भी पुलिसकर्मी शामिल हैं सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। साथ ही उनको नौकरी से बर्खास्त तक करा दिया जाएगा। हालांकि सपा के पूर्व मंत्री तो अपना चुनाव जीतकर विधायक हो गये। लेकिन उनके दल की सरकार प्रदेश में नहीं बनी। फिलहाल अब फिर शकील व उनके करीबियों के पर मुकदमे दर्ज होने की रफ़्तार बढ़ गई है।
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