लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग में टीबी की ट्रूनॉट जांच सुविधा शुरू हो गई है। ओएनजीसी के सीएसआर सहयोग से स्थापित यह मशीन टीबी मरीजों को शीघ्र और सटीक निदान प्रदान करेगी। इससे रोगियों को उसी दिन जांच रिपोर्ट मिल सकेगी।
विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि लखनऊ जनपद को चार ट्रूनॉट मशीनें मिली हैं। इनमें से एक मशीन रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के डाट्स सेंटर में स्थापित की गई है। अभी तक टीबी के नमूने माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजे जाते थे, जिससे वहां जांच का दबाव रहता था। डॉ. सूर्यकांत ने बताया कि ट्रूनॉट मशीन से टीबी रोग की शीघ्र और सटीक जांच संभव होगी। इससे मरीजों को उसी दिन रिपोर्ट मिल जाएगी। इस मशीन का संचालन सरल है, कोई भी स्वास्थ्य कार्यकर्ता पांच दिनों में इसे सीख सकता है। कुलपति सोनिया नित्यानन्द ने बताया कि यह मशीन टीबी, एमडीआर टीबी और गंभीर टीबी के रोगियों के लिए अत्यंत लाभकारी होगी।