परिवहन मंत्री यासर शाह ने बुधवार को घोषणा की कि भविष्य में उप नगरीय सेवाओं को छोड़कर सभी बसें वातानुकूलित श्रेणी की ही चलाई जाएंगी। मगर ध्यान रखा जाएगा कि उनका किराया लोगों की पहुंच के भीतर रहे।
इसके लिए बसों के डिजाइन में बदलाव होगा। भविष्य में विज्ञापनों के जरिए राजस्व जुटाकर भी यात्री सेवाओं में बढ़ोतरी होगी। इस वित्तीय वर्ष में रोडवेज करीब 1700 बसें चलाएगा।
जबकि पांच हजार बसों की बढ़ोतरी अपने बेड़े में करने के लिए कोशिश शुरू कर दी है। परिवहन मंत्री ने ये बातें उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की ओर से राजधानी के एक होटल में आयोजित इन्वेस्टर्स मीट में बतौर मुख्य अतिथि कही।
यहां पूरे देश से परिवहन क्षेत्र के निवेशक मौजूद थे। टाटा मोटर्स, वॉल्वो, स्कैनिया, अशोका लीलैंड सहित कई नामी कंपनियों के अलावा देश के कई बड़े ट्रांसपोर्टरों ने इस मीट में हिस्सा लिया। यहां बैंकों ने ही यूपी रोडवेज में करीब 900 करोड़ रुपये निवेश करने की घोषणा की।