लखनऊ विश्वविद्यालय से एमफिल और बीएड करने वालों को अब अधिक फीस देनी होगी। एमफिल की फीस में 50 फीसदी तो बीएड की चार गुना तक बढ़ाई गई है।
फीस बढ़ोतरी के पीछे एमफिल को दो से तीन सेमेस्टर और बीएड एक साल की जगह चार सेमेस्टर करना बताया गया है। वैसे तो कोर्सेज में बदलाव 2015 के प्रवेश के बाद से ही लागू हो चुका, लेकिन एलयू ने सत्र लगभग बीतने के बाद शुल्क रिवाइज किया है।
बुधवार को कुलपति प्रो. एसबी निमसे की अध्यक्षता में हुई वित्त समिति की बैठक में नए शुल्क लागू करने पर मोहर लगा दी गई। एमफिल में यदि सेल्फ फाइनेंस कोर्स का उदाहरण लें तो हिंदी के प्रत्येक सेमेस्टर की फीस 13,500 रुपये है।
दो सेमेस्टर में छात्र को 27 हजार रुपये देने पड़ते थे, लेकिन अब तीन सेमेस्टर के हिसाब से 40,500 रुपये देने होंगे। इसी तरह अन्य विषयों और रेग्युलर छात्रों की फीस भी प्रति सेमेस्टर बढ़ेगी।
वीसी ने बताया कि 2015 में दाखिला लेने वाले छात्रों की पढ़ाई तीन सेमेस्टर की होगी, लेकिन शुल्क दो सेमेस्टर का लिया जाएगा। एक सेमेस्टर की पढ़ाई का खर्च विवि खुद वहन करेगा।
मालूम हो कि एमफिल हिंदी के छात्र इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से कुलपति कार्यालय और विभाग से राहत मांग रहे थे। इसके अलावा वित्त समिति में कुछ अन्य निर्णय भी हुए।